लंबे समय से स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, छात्रों और पर्यटकों की मांग थी कि इस सेमी हाई-स्पीड ट्रेन को जम्मू तक जोड़ा जाए। अब यह मांग पूरी हो गई है। रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 26401 जम्मू तवी से श्रीनगर के लिए चलेगी, जबकि ट्रेन संख्या 26402 श्रीनगर से जम्मू तवी के बीच संचालित होगी। इस विस्तार के बाद जम्मू से श्रीनगर की यात्रा पांच घंटे से भी कम समय में पूरी की जा सकेगी।
अब तक सड़क मार्ग से यह सफर मौसम पर निर्भर रहता था। भूस्खलन, भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण कई बार हाईवे बंद हो जाता था, जिससे यात्रियों को घंटों, कभी-कभी दिनों तक इंतजार करना पड़ता था। ऐसे में वंदे भारत का यह विस्तार न सिर्फ समय की बचत करेगा, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा।
वंदे भारत ट्रेनें आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस हैं। इनमें आरामदायक सीटें, अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली, स्वच्छ और वातानुकूलित कोच, ऑनबोर्ड सुविधाएं और समय की पाबंदी प्रमुख हैं। यही वजह है कि इसे जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जम्मू तवी से चलने वाली यह ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा, रियासी और बनिहाल होते हुए श्रीनगर पहुंचेगी। वापसी में भी यही मार्ग रहेगा। इससे धार्मिक पर्यटन को सीधा लाभ मिलेगा। माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अब जम्मू से सीधे तेज़ ट्रेन सेवा के माध्यम से घाटी तक सफर कर सकेंगे। साथ ही श्रीनगर और आसपास के पर्यटन स्थलों पर जाने वाले पर्यटकों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय व्यापारियों के लिए भी लोगों और सामान की आवाजाही आसान होगी। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि उधमपुर–श्रीनगर–बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना को 6 जून 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को समर्पित किया था। यह परियोजना लंबे समय से प्रतीक्षित थी और इसके पूरा होने के बाद जम्मू से कश्मीर घाटी तक रेल संपर्क को लेकर नई संभावनाएं खुलीं। तभी से सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत सेवा को जम्मू से सीधे श्रीनगर तक चलाने की मांग तेज हो गई थी।
अब 1 मार्च 2026 से इस सेवा के शुरू होने के साथ ही जम्मू और कश्मीर के बीच रेल संपर्क एक नए दौर में प्रवेश करेगा। यह विस्तार केवल एक ट्रेन सेवा नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, पर्यटन, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय रेलवे का यह प्रयास जम्मू-कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से और अधिक मजबूती से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।