बजट वेबिनार में पीएम मोदी ने युवाओं और कौशल विकास पर जोर

Tue 10-Mar-2026,01:40 PM IST +05:30

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बजट वेबिनार में पीएम मोदी ने युवाओं और कौशल विकास पर जोर PM-Modi-Post-Budget-Webinar-Skill-Development
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट-पश्चात वेबिनार को जनभागीदारी का सशक्त मंच बताते हुए युवाओं की आकांक्षाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया।

  • दिव्यांगजन कौशल योजना के तहत रोजगार से जुड़े कौशल विकास और उद्योग आधारित प्रशिक्षण को मजबूत करने पर सरकार और विशेषज्ञों ने जोर दिया।

Delhi / Delhi :

Delhi/ केंद्रीय बजट के बाद आयोजित वेबिनार श्रृंखला में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने युवाओं की आकांक्षाओं और नवाचार की क्षमता को भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि बजट के बाद होने वाले ये वेबिनार सरकार, विशेषज्ञों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद का प्रभावी मंच बन चुके हैं, जो नीतियों को जमीन पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से नवाचार-संचालित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में शिक्षा प्रणाली का लगातार आधुनिकीकरण करना जरूरी है, ताकि युवा नई तकनीकों और बदलती वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि गांव, कस्बों और शहरों से आने वाले युवा नई सोच और नवाचार के जरिए देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देना चाहते हैं।

उन्होंने बताया कि बजट के बाद आयोजित इन परामर्श सत्रों में लाखों हितधारक, विशेषज्ञ और लाभार्थी भाग ले रहे हैं। इन चर्चाओं से व्यावहारिक सुझाव और समाधान सामने आते हैं, जो बजट में घोषित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देते हैं।

इसी क्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री Virendra Kumar ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का सही आकलन इस बात से किया जा सकता है कि वह अपने सबसे वंचित नागरिकों को किस तरह सशक्त बनाता है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट में घोषित “दिव्यांगजन कौशल योजना” दिव्यांग व्यक्तियों के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों को वास्तविक और सम्मानजनक रोजगार से जोड़ना आवश्यक है। इसके लिए सरकार, उद्योग जगत और नागरिक समाज के बीच मजबूत साझेदारी की जरूरत है। यह सहयोग ही दिव्यांगजनों को मुख्यधारा के आर्थिक और सामाजिक जीवन में शामिल करने में मदद करेगा।

वेबिनार में मौजूद विशेषज्ञों ने भी इस बात पर जोर दिया कि दिव्यांगजनों के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को बाजार की जरूरतों और उद्योग की मांग के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्रों में भी शामिल किया जाना चाहिए।

चर्चा के दौरान समावेशी भर्ती, सुलभ प्रशिक्षण उपकरण, उद्यमिता को बढ़ावा देने, डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित दूरस्थ कार्य अवसरों जैसे विषयों पर भी विचार किया गया। प्रतिभागियों ने दिव्यांगजनों के लिए संरचित रोजगार मिलान प्रणाली और सुलभता ऑडिटिंग जैसे नए रोजगार अवसरों पर भी जोर दिया।

यह वेबिनार 9 मार्च 2026 को Dr. Ambedkar International Centre में आयोजित किया गया था, जिसमें दिव्यांगजन कौशल योजना के तहत मांग आधारित और उद्योग से जुड़े कौशल विकास मॉडल पर चर्चा की गई। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्रों के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण को मजबूत बनाने पर ध्यान दिया गया।

कार्यक्रम के समापन पर डीईपीडब्ल्यूडी की अपर सचिव Manmeet Kaur Nanda ने कहा कि चर्चा के दौरान सामने आए पांच प्रमुख स्तंभ-उत्साह, दृढ़ता, संभावनाएं, क्षमता और पायलट परियोजनाएं-भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। उन्होंने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों को मांग आधारित, सुलभ और रोजगार परिणामों से सीधे जोड़ना जरूरी है।