आंध्र में भारतनेट MOC साइन
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आंध्र प्रदेश में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के लिए 2,432 करोड़ रुपये की मंजूरी, 13,426 ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा।
डिजिटल भारत निधि और राज्य सरकार के एमओसी से 4जी विस्तार, फाइबर कनेक्शन और अंतिम-मील कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।
आंध्र प्रदेश/ ग्रामीण आंध्र प्रदेश में डिजिटल कनेक्टिविटी को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के त्वरित कार्यान्वयन के लिए सहयोग ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता राज्य के दूरस्थ गांवों तक उच्च गति ब्रॉडबैंड पहुंचाने और डिजिटल समावेशन को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
यह एमओसी 22 फरवरी 2026 को ताडेपल्ले स्थित मुख्यमंत्री शिविर कार्यालय में हस्ताक्षरित हुआ। इस अवसर पर N. Chandrababu Naidu, Jyotiraditya M. Scindia और Pemmasani Chandra Sekhar उपस्थित रहे। डिजिटल भारत निधि के प्रशासक श्याममल मिश्रा और आंध्र प्रदेश सरकार के विशेष मुख्य सचिव मोव्वा तिरुमाला कृष्ण बाबू ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि संशोधित भारतनेट कार्यक्रम 16.9 बिलियन डॉलर (लगभग 1.39 लाख करोड़ रुपये) का सार्वजनिक वित्त पोषित प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य देश के प्रत्येक गांव तक ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी पहुंचाना है। उन्होंने इसे तकनीक के लोकतंत्रीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने कहा कि यह समझौता राज्य-नेतृत्व वाले मॉडल के तहत तेज और जवाबदेह क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगा। इससे 4जी कवरेज का विस्तार होगा और ग्रामीण नागरिकों को सस्ती व विश्वसनीय डिजिटल सेवाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इसे राज्य के डिजिटल परिवर्तन की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मजबूत ब्रॉडबैंड नेटवर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेंस और डिजिटल भुगतान सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
आंध्र प्रदेश में भारतनेट का पहला चरण सीपीएसयू मॉडल के तहत 1,692 ग्राम पंचायतों में पूरा किया जा चुका है, जबकि दूसरे चरण में 11,254 ग्राम पंचायतों को कवर किया गया। संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत नवगठित विशेष प्रयोजन वाहन, आंध्र प्रदेश भारतनेट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एपीबीआईएल), इस परियोजना को लागू करेगा।
कुल 13,426 ग्राम पंचायतों को इस चरण में शामिल किया जाएगा। प्रथम चरण की पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड किया जाएगा, दूसरे चरण की पंचायतों को सुदृढ़ किया जाएगा और 480 नई पंचायतों को जोड़ा जाएगा। साथ ही 3,942 गांवों को मांग आधारित अंतिम-मील कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।
भारत सरकार ने इस परियोजना के लिए 2,432 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। इससे पांच लाख से अधिक ग्रामीण घरों तक फाइबर कनेक्शन पहुंचने की उम्मीद है, जिससे डिजिटल शासन और सेवा वितरण में व्यापक सुधार होगा।