भारत-ब्रिटेन हरित हाइड्रोजन सम्मेलन में सुरक्षा मानकों पर बड़ी चर्चा

Sat 07-Mar-2026,01:44 PM IST +05:30

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भारत-ब्रिटेन हरित हाइड्रोजन सम्मेलन में सुरक्षा मानकों पर बड़ी चर्चा India-Uk-Green-Hydrogen-Safety-Conference
  • नई दिल्ली में भारत-ब्रिटेन हरित हाइड्रोजन सम्मेलन में राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत सुरक्षा मानकों, नियामक ढाँचों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

  • सम्मेलन में सरकार, उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और नियामक एजेंसियों ने हरित हाइड्रोजन उत्पादन, भंडारण, परिवहन और अंतिम उपयोग में सुरक्षा प्रोटोकॉल पर विचार साझा किए।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ भारत और ब्रिटेन के बीच हरित ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से नई दिल्ली में भारत-ब्रिटेन हरित हाइड्रोजन मानक और सुरक्षा प्रोटोकॉल सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन National Centre for Hydrogen Safety ने Ministry of New and Renewable Energy के अंतर्गत, भारत में ब्रिटिश उच्चायोग और WRI India के सहयोग से किया।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हरित हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला में सुरक्षा मानकों, नियामक ढाँचों और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा करना था। इसमें उत्पादन, भंडारण, परिवहन और अंतिम उपयोग से जुड़े तकनीकी और नियामक पहलुओं पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

उद्घाटन सत्र की शुरुआत Mohammad Rehan द्वारा संदर्भ-निर्धारण संबोधन से हुई, जो National Institute of Solar Energy के महानिदेशक हैं। इसके बाद Abhay Bakre (राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के मिशन निदेशक), Jinous Shariati (भारत में ब्रिटिश उच्चायोग के प्रथम सचिव, व्यापार), Anjan Kumar Mishra (सचिव, Petroleum and Natural Gas Regulatory Board) और Laura Aylet (प्रथम सचिव, जलवायु और ऊर्जा, ब्रिटिश उच्चायोग) ने विशेष संबोधन दिए।

मुख्य भाषण भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के वैज्ञानिक सचिव Parvinder Maini ने दिया। उन्होंने कहा कि हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों के बड़े पैमाने पर उपयोग के लिए मजबूत सुरक्षा ढाँचा, अंतरराष्ट्रीय मानक और सहयोग अत्यंत आवश्यक हैं।

सम्मेलन में राष्ट्रीय नियामक संस्थाओं की भागीदारी भी प्रमुख रही। Petroleum and Explosives Safety Organisation ने हाइड्रोजन प्रणालियों के लिए सुरक्षा अनुपालन, जोखिम मूल्यांकन और आपदा प्रबंधन से जुड़े नियामक दृष्टिकोण साझा किए। वहीं Bureau of Indian Standards ने भारतीय हाइड्रोजन मानकों को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप बनाने के लिए चल रहे प्रयासों की जानकारी दी।

तकनीकी सत्रों में उद्योग, शिक्षा जगत और अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञों ने हाइड्रोजन सुरक्षा और प्रौद्योगिकी पर विस्तृत चर्चा की। इसमें Society of Indian Automobile Manufacturers, NTPC Limited, Automotive Research Association of India, Cochin Shipyard Limited, CSIR-National Metallurgical Laboratory और Indian Institute of Technology Madras सहित कई प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

इन सत्रों में हाइड्रोजन उत्पादन, भंडारण और परिवहन प्रणालियों के सुरक्षित डिजाइन, जोखिम मूल्यांकन पद्धतियों, घटना केस स्टडी और उन्नत सेंसर तकनीक तथा एआई आधारित निगरानी जैसे नवाचारों पर चर्चा हुई।

सम्मेलन का समापन भारत और ब्रिटेन के बीच मानकों के विकास, नियामक क्षमता निर्माण और सुरक्षा ढाँचों पर सहयोग बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत में विश्वसनीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हरित हाइड्रोजन क्षेत्र के विकास को गति देगी।