जियो पारसी योजना पर मंथन, जनसंख्या वृद्धि की नई रणनीति
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जियो पारसी योजना के तहत पारसी जनसंख्या वृद्धि, विवाह प्रोत्साहन और प्रजनन सहायता को लेकर सरकार ने नई रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
आर्थिक सशक्तिकरण, स्टार्टअप ऋण और कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से पारसी युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया।
Delhi/ पारसी समुदाय की घटती जनसंख्या को लेकर केंद्र सरकार ने एक बार फिर गंभीर मंथन शुरू किया है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र शेखर कुमार की अध्यक्षता में मुंबई में जियो पारसी सलाहकार समिति की दूसरी बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनसांख्यिकीय चुनौतियों, देर से विवाह, सामाजिक-आर्थिक कारकों और सामुदायिक भागीदारी जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में महाराष्ट्र और गुजरात के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में पारसी समुदाय की जनसंख्या में लगातार आ रही गिरावट के प्रमुख कारणों का विश्लेषण किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि देर से विवाह, कम जन्म दर, बदलती जीवनशैली और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियां इस स्थिति के मुख्य कारण हैं। समिति ने इन समस्याओं के समाधान के लिए जागरूकता अभियानों को मजबूत करने और विवाह परामर्श सेवाओं के विस्तार पर बल दिया।
पारसी पंचायतों और सामुदायिक संस्थानों के माध्यम से युवाओं के बीच संवाद बढ़ाने तथा समय पर विवाह को प्रोत्साहित करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। परिवार निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए सामाजिक सहयोग तंत्र विकसित करने पर सहमति बनी।
बैठक में आर्थिक सशक्तिकरण को दीर्घकालिक समाधान का आधार बताया गया। सचिव ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (NMDFC) की योजनाओं का उल्लेख करते हुए पारसी युवाओं और महिलाओं को स्टार्टअप, स्वरोजगार और कौशल विकास आधारित उद्यमों के लिए उपलब्ध रियायती ऋण योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
जियो पारसी योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि यह योजना प्रजनन उपचारों, बाल देखभाल सहायता और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जनसंख्या स्थिरीकरण का प्रयास कर रही है। इसके तहत परिवार निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता और सामुदायिक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
बैठक में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई कि वह पारसी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक-आर्थिक सुदृढ़ता को बनाए रखने के लिए लक्षित नीतिगत कदम उठाती रहेगी।