छत्तीसगढ़ विधानसभा में विकास
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विधानसभा प्रश्नकाल में जलसंसाधन विभाग के 4.09 करोड़ के कार्यों और मोबाइल टावर स्थापना पर सरकार से जवाब मांगे गए।
रायपुर में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए 19 चौराहों पर प्राथमिकता, ITMS विस्तार और कैमरा निगरानी लागू।
रायपुर/ छत्तीसगढ़ विधानसभा में कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल के दौरान विकास कार्यों, मोबाइल टावर स्थापना और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे गूंजे। सत्ता और विपक्ष के विधायकों ने विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगे। सदन में जल संसाधन, दूरसंचार और यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
कांग्रेस विधायक भोलाराम साहू ने जलसंसाधन विभाग के तहत स्वीकृत कार्यों की जानकारी मांगी। इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि विभाग द्वारा 4 करोड़ 9 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों को स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य सिंचाई क्षमता बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
सदन में बिलासपुर में मोबाइल टावर स्थापना का मुद्दा भी उठा। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने वैध अनुमति के बावजूद लगाए गए मोबाइल टावरों की जांच की मांग की। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि यदि संबंधित जानकारी प्राप्त होती है तो टावरों की जांच कराई जाएगी।
विधायक उमेश पटेल ने मोबाइल टावर लगाने की प्रक्रिया और रेडिएशन के मापदंडों को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब तक मोबाइल टावर से हानिकारक रेडिएशन के ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं और उपलब्ध जानकारी सदन में प्रस्तुत की जा चुकी है।
रायपुर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा भाजपा विधायक सुनील सोनी ने उठाया। उन्होंने दुर्घटनाएं रोकने के लिए तैयार किए गए मास्टर प्लान की जानकारी मांगी। परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि विभाग लगातार प्रयास कर रहा है और हाल के समय में दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई है।
मंत्री ने जानकारी दी कि 19 प्रमुख चौक-चौराहों को प्राथमिकता में रखा गया है, 14 चौराहों को लेफ्ट टर्न फ्री किया गया है और 27 स्थानों पर कैमरों से निगरानी की जा रही है। साथ ही आईटीएमएस (Intelligent Traffic Management System) का विस्तार किया जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था सुधारने और दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।