विदिशा में पहली फिंगरप्रिंट लैब शुरू

Mon 09-Mar-2026,01:43 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

विदिशा में पहली फिंगरप्रिंट लैब शुरू Vidisha-First-Fingerprint-Lab-MP-Nafis
  • मध्य प्रदेश के विदिशा में राज्य की पहली जिला स्तरीय अत्याधुनिक फिंगरप्रिंट प्रयोगशाला स्थापित, अपराध जांच को वैज्ञानिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।

  • कार्यक्रम में पुलिस थानों को ISO प्रमाणपत्र दिए गए और सड़क दुर्घटनाओं में सहायता के लिए इंजीनियरिंग छात्रों द्वारा विकसित “राहवीर विदिशा” मोबाइल ऐप लॉन्च।

Madhya Pradesh / Vidisha :

Vidisha/ Madhya Pradesh में अपराध जांच को अधिक वैज्ञानिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य की पहली जिला स्तरीय अत्याधुनिक फिंगरप्रिंट प्रयोगशाला Vidisha जिले में स्थापित की गई है। इस नई लैब का उद्देश्य पुलिस जांच को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और अपराधियों की पहचान को अधिक सटीक बनाना है। अधिकारियों के अनुसार इससे जांच प्रक्रिया तेज होगी और अपराधियों को पकड़ने में पुलिस को महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

NAFIS परियोजना के तहत स्थापित प्रयोगशाला

यह प्रयोगशाला भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना National Automated Fingerprint Identification System (NAFIS) के तहत स्थापित की गई है। इस प्रणाली के जरिए देशभर के अपराधियों के फिंगरप्रिंट का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाता है। इस डाटाबेस की मदद से पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान तेजी से कर सकती है।

नई लैब शुरू होने से अपराध जांच की प्रक्रिया पहले से अधिक वैज्ञानिक, सटीक और प्रभावी बनने की उम्मीद है। इससे पुलिस को विभिन्न मामलों में तकनीकी साक्ष्य जुटाने में मदद मिलेगी।

फिंगरप्रिंट तकनीक से 117 मामलों में सफलता

पुलिस अधिकारियों के अनुसार विदिशा जिले में फिंगरप्रिंट तकनीक का उपयोग पहले से किया जा रहा है और इसके अच्छे परिणाम भी सामने आए हैं। अब तक करीब 117 मामलों में फिंगरप्रिंट के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है।

इस तकनीक की मदद से चोरी के कई मामलों में चोरी हुआ सामान भी बरामद किया गया है। विशेष रूप से ब्लाइंड मर्डर जैसे मामलों में, जहां शुरुआती दौर में कोई ठोस सुराग नहीं मिलता, वहां फिंगरप्रिंट तकनीक जांच को नई दिशा देने में सहायक साबित हो रही है।

पुलिस थानों को मिले ISO प्रमाणपत्र

कार्यक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने पुलिस विभाग के कई कार्यालयों और थानों को आईएसओ प्रमाणपत्र प्रदान किए। इस अवसर पर भोपाल ग्रामीण जोन के पुलिस महानिरीक्षक Sanjay Tiwari और विदिशा के पुलिस अधीक्षक Rohit Kashwani को प्रमाणपत्र सौंपे गए।

जिले के 20 पुलिस थानों और 5 पुलिस कार्यालयों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नत किया गया है। इससे पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

सड़क दुर्घटनाओं में मदद के लिए मोबाइल ऐप

कार्यक्रम में उन युवाओं को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने “राहवीर विदिशा” नाम का मोबाइल ऐप विकसित किया है। इस ऐप को Samrat Ashok Technological Institute के इंजीनियरिंग छात्रों ने तैयार किया है।

यह ऐप सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसके प्रभावी संचालन के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 150 प्रशिक्षित ट्रॉमा सपोर्ट स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है।