महाराष्ट्र बजट 2026: सीएम देवेंद्र फडणवीस पेश करेंगे बजट, लड़की बहन योजना पर बड़ी घोषणा संभव
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Maharashtra Budget 2026
महाराष्ट्र का बजट 2026-27 आज विधानसभा में पेश होगा.
‘लड़की बहन’ योजना में सहायता राशि बढ़ने की संभावना.
किसानों और महिलाओं के लिए नई योजनाओं की उम्मीद.
Mumbai / महाराष्ट्र विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए शुक्रवार (6 मार्च) को राज्य का बजट पेश किया जाएगा। इस बार का बजट कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि इसे स्वयं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पेश करेंगे। आमतौर पर राज्य का बजट वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन हाल ही में बारामती में हुए एक विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार के निधन के बाद वित्त विभाग की जिम्मेदारी फिलहाल मुख्यमंत्री के पास आ गई है। ऐसे में राज्य की आर्थिक दिशा तय करने वाला यह महत्वपूर्ण बजट मुख्यमंत्री फडणवीस ही विधानसभा में पेश करेंगे।
इस बजट को लेकर राज्य में काफी चर्चा और उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि सरकार इस बार कई सामाजिक और आर्थिक योजनाओं पर विशेष ध्यान दे सकती है। खासकर महिलाओं से जुड़ी ‘लड़की बहन’ योजना को लेकर बड़ी घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है। यह योजना राज्य की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं में से एक मानी जाती है, जिसके तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि सरकार इस योजना के तहत दी जाने वाली मासिक सहायता राशि को बढ़ा सकती है। अटकलें हैं कि इसे बढ़ाकर 2,100 रुपये प्रति माह किया जा सकता है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बजट से पहले इस मुद्दे पर काफी उम्मीदें जताई जा रही हैं। पिछले बजट में सरकार ने इस योजना के लिए लगभग 36,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। ऐसे में यह भी देखा जाएगा कि आगामी वित्त वर्ष के लिए इस योजना के लिए कितनी धनराशि निर्धारित की जाती है।
दरअसल, लड़की बहन योजना पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में रही है। सरकार ने पहले इसके तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर 2,100 रुपये करने की बात कही थी, लेकिन दो साल बीत जाने के बावजूद यह फैसला अभी तक लागू नहीं हो पाया है। इसी वजह से अब महिलाओं और आम जनता की नजरें आगामी बजट पर टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि सरकार इस बार इस लंबे समय से लंबित फैसले को लागू कर सकती है।
महिलाओं के अलावा किसानों से जुड़े मुद्दे भी इस बजट में अहम भूमिका निभा सकते हैं। राज्य के कई हिस्सों में किसान आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, ऐसे में सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र के लिए राहत पैकेज, ऋण माफी या अन्य सहायता योजनाओं की घोषणा किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कुछ नई योजनाएं भी पेश कर सकती है।
इस बीच, गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा में प्री-बजट आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया गया। वित्त राज्यमंत्री आशीष जायसवाल द्वारा पेश किए गए इस सर्वे में राज्य की अर्थव्यवस्था की स्थिति और आगामी चुनौतियों का विवरण दिया गया है। सर्वे के अनुसार महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है और वर्ष 2025-26 के लिए राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक मानी जा रही है।
हालांकि आर्थिक सर्वे में यह भी बताया गया है कि राज्य का सार्वजनिक कर्ज लगातार बढ़ रहा है। अनुमान है कि वर्ष 2025-26 तक महाराष्ट्र का कुल पब्लिक डेट बढ़कर 9.32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह आंकड़ा 2024-25 में दर्ज 8.39 लाख करोड़ रुपये से लगभग 18.3 प्रतिशत अधिक हो सकता है। इसके साथ ही कर्ज-से-जीएसडीपी अनुपात 17 से 18 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान जताया गया है।
फिर भी सर्वे में यह भरोसा जताया गया है कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में सफल रही है। अनुमान के मुताबिक, राज्य का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का लगभग 2.7 प्रतिशत रहेगा, जबकि रेवेन्यू डेफिसिट करीब 0.9 प्रतिशत रहने की संभावना है। यह आंकड़े महाराष्ट्र के एफआरबीएम नियमों द्वारा तय तीन प्रतिशत की सीमा से काफी नीचे हैं, जो राज्य की वित्तीय स्थिरता को दर्शाते हैं।
अब सभी की नजरें विधानसभा में पेश होने वाले बजट पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि यह बजट न केवल राज्य की आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि महिलाओं, किसानों और आम जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा भी इसमें देखने को मिल सकती है।