प्रधानमंत्री मोदी 14 मार्च को पश्चिम बंगाल में 18,680 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे
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खड़गपुर-मोरग्राम आर्थिक गलियारा और दुबराजपुर बाईपास से यात्रा समय में 7-8 घंटे की बचत और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
रेलवे और बंदरगाह परियोजनाओं में अमृत स्टेशन योजना, तीसरी रेल लाइन और मशीनीकरण से यात्री और माल ढुलाई की सुविधा में सुधार होगा।
Delhi/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 14 मार्च 2026 को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे, जहां वह लगभग 18,680 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री कोलकाता में दोपहर लगभग 2 बजे कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, रेलवे स्टेशनों और बंदरगाह अवसंरचना का उद्घाटन करेंगे। ये परियोजनाएं न केवल पूर्वी भारत में बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देंगी। इस दौरे के दौरान सड़क, रेल और जलमार्ग से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुधार कार्य शुरू होंगे।
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री 16,990 करोड़ रुपये की लागत वाली 420 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। एनएच-19 और एनएच-114 के खंडों के निर्माण से यात्रा समय में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार और क्षेत्रीय संपर्क में वृद्धि होगी। खड़गपुर-मोरग्राम आर्थिक गलियारे के पांच पैकेज की आधारशिला भी रखी जाएगी, जिससे यात्रा दूरी में लगभग 120 किलोमीटर की कमी और समय में 7-8 घंटे की बचत होगी। एनएच-14 पर दुबराजपुर बाईपास और कांगशबाती एवं शिलाबाती नदियों पर चार लेन वाले पुलों का निर्माण भी शुरू होगा।
प्रधानमंत्री कई जहाजरानी और बंदरगाह परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनमें हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के बर्थ नंबर 2 का मशीनीकरण शामिल है। इससे माल ढुलाई तेज, कुशल और पर्यावरण के अनुकूल होगी। खिद्दरपुर डॉक-I के जीर्णोद्धार और श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह के बर्थ नंबर 5 के मशीनीकरण से क्षेत्रीय वाणिज्य को गति मिलेगी।
रेल क्षेत्र में पुरुलिया-आनंद विहार एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर यात्रा शुरू की जाएगी, जबकि अमृत स्टेशन योजना के तहत छह रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन भी किया जाएगा। इसके अलावा बेल्डा-दंतान के बीच तीसरी रेल लाइन और कलाइकुंडा- कनिमोहुली के बीच स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली राष्ट्र को समर्पित की जाएगी।
इन पहलों से न केवल पूर्वी भारत में कनेक्टिविटी बढ़ेगी बल्कि यात्री और माल परिवहन की सुविधा और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। ये विकास परियोजनाएं राज्य और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी और क्षेत्रीय रोजगार सृजन में योगदान करेंगी।