गुना में ‘समृद्धि केंद्र’ का उद्घाटन करेंगे सिंधिया
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Samriddhi-Center-Launch-Guna-MP
समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवा परियोजना ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण, सामाजिक-आर्थिक विकास और गांवों में आधुनिक सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
भारतनेट हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ई-गवर्नेंस और वित्तीय सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का नया मॉडल विकसित किया जा रहा है।
Madhya Pradesh/ ग्रामीण भारत में डिजिटल सेवाओं को मजबूत बनाने और गांवों को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया 14 मार्च को मध्य प्रदेश के गुना जिले के उमरी गांव में ‘समृद्धि केंद्र’ का उद्घाटन करेंगे। यह केंद्र ‘समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवा प्रायोगिक पहल’ के तहत स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य डिजिटल और भौतिक सेवाओं को एक साथ उपलब्ध कराकर ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देना है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस कार्यक्रम के दौरान समृद्धि केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं का अवलोकन करेंगे। साथ ही वे स्थानीय लाभार्थियों से बातचीत करेंगे और केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी भी लेंगे। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य जांच शिविर और मोतियाबिंद जागरूकता अभियान की भी शुरुआत की जाएगी। इसके अलावा सिंधिया एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
‘समृद्धि केंद्र’ को दूरसंचार विभाग की ‘समृद्ध ग्राम फिजिटल सर्विसेज़ पायलट’ योजना के तहत विकसित किया गया है। यह एक फिजिटल (Physical + Digital) सेवा केंद्र है, जहां डिजिटल तकनीक और भौतिक सेवाओं को एकीकृत रूप में उपलब्ध कराया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य गांवों में रहने वाले लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और वित्तीय सेवाएं एक ही स्थान पर प्रदान करना है।
इस पहल के पीछे सरकार की प्रमुख योजना भारतनेट की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारतनेट दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण ब्रॉडबैंड कार्यक्रमों में से एक है, जिसके माध्यम से देश के लाखों गांवों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है। इसी डिजिटल बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए समृद्धि केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सेवाएं पहुंचाने का कार्य करेगा।
उमरी गांव में स्थापित यह केंद्र पंचायत भवन में स्थित एक वन-स्टॉप हब के रूप में कार्य करेगा। यहां ग्रामीणों को कई प्रकार की सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिनमें शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रम, कृषि संबंधी जानकारी, टेलीमेडिसिन और स्वास्थ्य सेवाएं, ई-गवर्नेंस सुविधाएं, वित्तीय समावेशन, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, डिजिटल कनेक्टिविटी और निगरानी व सुरक्षा सेवाएं शामिल हैं।
यह परियोजना केवल एक गांव तक सीमित नहीं है। उमरी इस प्रायोगिक योजना के तीन प्रमुख गांवों में से एक है। अन्य दो गांवों में आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले का नारकोदुरु और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले का चौरवाला शामिल हैं। इन सभी केंद्रों का उद्देश्य आसपास के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले कई गांवों को सेवाएं उपलब्ध कराना है।
इस परियोजना को दूरसंचार विभाग डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन (DEF) के सहयोग से लागू कर रहा है। DEF इस पहल में जमीनी स्तर पर लोगों को जोड़ने और सेवाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में सहयोगी संस्था के रूप में काम कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल ग्रामीण भारत में डिजिटल सेवाओं के विस्तार का एक महत्वपूर्ण मॉडल बन सकती है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसी मॉडल को देश के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।
सरकार का उद्देश्य डिजिटल कनेक्टिविटी, सेवा वितरण प्लेटफॉर्म और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़कर गांवों में एक मजबूत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है, जिससे ग्रामीणों को बेहतर सेवाएं और नए आर्थिक अवसर मिल सकें।