LPG अफवाहों पर पीएम मोदी का हमला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलपीजी को लेकर दहशत फैलाने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि अफवाहें फैलाने वाले देश और जनता दोनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
सरकार ने पिछले दशक में एलपीजी कनेक्शन 14 करोड़ से बढ़ाकर 33 करोड़ किए और ऊर्जा सुरक्षा के लिए इथेनॉल तथा जैव ईंधन को बढ़ावा दिया।
नई दिल्ली/ प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देश में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर अफवाहें फैलाने वालों पर कड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि एलपीजी को लेकर अनावश्यक दहशत फैलाने की कोशिशें न केवल जनता को भ्रमित करती हैं बल्कि देश के हितों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। ‘एनएक्सटी समिट’ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिकों को किसी भी संकट से बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण पूरी दुनिया एक ऊर्जा संकट का सामना कर रही है, लेकिन भारत इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद कर रही है और ऊर्जा आपूर्ति शृंखला में आने वाली संभावित बाधाओं को दूर करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
मोदी ने कहा कि कुछ लोग मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का फायदा उठाकर आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संकट के समय में मुनाफाखोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
रसोई गैस के मुद्दे पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में एलपीजी को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अफवाहें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग दहशत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, वे जनता के सामने अपने इरादों को खुद उजागर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर राजनीतिक बयानबाजी नहीं करना चाहती, बल्कि समाधान पर काम कर रही है।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए लंबे समय से व्यापक रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता कम करने के लिए इथेनॉल मिश्रण, जैव ईंधन और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मोदी ने पिछले एक दशक में एलपीजी क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक देश में लगभग 14 करोड़ एलपीजी कनेक्शन थे, जो अब बढ़कर 33 करोड़ से अधिक हो चुके हैं। इसके साथ ही एलपीजी बॉटलिंग क्षमता को भी दोगुना किया गया है। उन्होंने बताया कि देश में वितरण केंद्रों की संख्या 13 हजार से बढ़कर 25 हजार तक पहुंच चुकी है, जिससे गैस की आपूर्ति पहले से अधिक सुगम हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने कोविड-19 महामारी, रूस-यूक्रेन संघर्ष और अब पश्चिम एशिया के तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे समय किसी भी देश के लिए धैर्य और सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी होते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि 140 करोड़ भारतीयों की एकजुटता और सहयोग से देश इस चुनौती से भी पार पा लेगा।
अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि भारत आज तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है और विश्व समुदाय भी भारत को उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनना चाहता है, तो उसे भारत से जुड़ना होगा। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि देश का लक्ष्य ‘विकसित भारत’ का निर्माण है और इसके लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।