पश्चिम एशिया संकट पर PM मोदी की आपात बैठक, भारतीयों की सुरक्षा और तेल आपूर्ति पर चर्चा
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PM Modi CCS Meeting
PM मोदी ने बुलाई CCS की आपात बैठक.
पश्चिम एशिया में भारतीयों की सुरक्षा पर फोकस.
तेल आपूर्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य पर चर्चा संभव.
Delhi / पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की अहम बैठक बुलाई है। यह समिति देश की सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था मानी जाती है। प्रधानमंत्री दो दिवसीय दौरे से लौटने के बाद रात करीब 9:30 बजे बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान वे राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और पुडुचेरी के कार्यक्रमों में व्यस्त रहे थे, लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए सुरक्षा समीक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
सूत्रों के अनुसार बैठक में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों तथा ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद बने हालातों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है। क्षेत्र में जारी सैन्य टकराव ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। ईरान की जवाबी कार्रवाई और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता ने कई देशों को सतर्क कर दिया है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर फोकस
बैठक में पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्रमुख मुद्दा रहने की संभावना है। ईरान में लगभग 10 हजार भारतीय रहते, पढ़ते या काम करते हैं। इजरायल में 40 हजार से अधिक भारतीय हैं, जबकि पूरे खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में करीब 90 लाख भारतीय बसे हुए हैं। मौजूदा हालात में हवाई क्षेत्र के बड़े हिस्से के बंद होने से उड़ान सेवाएं प्रभावित हुई हैं। दुबई और अन्य ट्रांजिट हब पर सैकड़ों भारतीय फंसे होने की खबरें हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र में स्थित भारतीय मिशन लगातार नागरिकों के संपर्क में हैं और हेल्पलाइन नंबर सक्रिय कर दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर निकासी योजना पर भी विचार किया जा सकता है। पहले भी संकट के समय भारत सरकार विशेष अभियान चलाकर नागरिकों को सुरक्षित निकाल चुकी है।
ऊर्जा और व्यापार पर संभावित असर
सूत्रों के मुताबिक सीसीएस की बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर भी चर्चा हो सकती है। यह मार्ग भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी मात्रा में कच्चा तेल इसी रास्ते से आता है। अगर यह समुद्री मार्ग बाधित होता है, तो ऊर्जा आयात और समुद्री व्यापार पर सीधा असर पड़ सकता है।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार संयुक्त हवाई हमलों में 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के लिए अपने देश को “वापस लेने” का अवसर है और जरूरत पड़ने पर हमले जारी रहेंगे। जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए।
इन घटनाओं का असर भारत में भी दिखा है। कई शहरों में शिया समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध और शोक जताया। वहीं पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में कई लोगों की मौत की खबर है।
इन सबके बीच भारत की नजर हालात पर टिकी है। सीसीएस की यह बैठक आने वाले दिनों की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।