विदिशा किसान आत्महत्या मामला: उमंग सिंघार का हमला, FIR की मांग तेज

Wed 22-Apr-2026,01:04 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

विदिशा किसान आत्महत्या मामला: उमंग सिंघार का हमला, FIR की मांग तेज Vidisha-Farmer-Suicide-Umang-Singhar-Fir-Demand
  • विदिशा में किसान आत्महत्या मामले में उमंग सिंघार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पटवारी और आरआई पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

  • नेता प्रतिपक्ष ने परिवार को आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और संबल योजना के लाभ दिलाने की घोषणा करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

  • परिजनों ने राजस्व अधिकारियों पर रिश्वत लेकर जमीन हस्तांतरण का आरोप लगाया, जिससे मानसिक तनाव में आकर किसान ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।

Madhya Pradesh / Vidisha :

Vidisha/ मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के ग्राम सांगुल में किसान कालूराम जाट की आत्महत्या के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar मंगलवार देर रात करीब 11 बजे पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी।

परिवार से मुलाकात के दौरान सिंघार ने मौके से ही प्रशासन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। उन्होंने विदिशा कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात कर इस मामले में जिम्मेदार पटवारी और आरआई के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस इस मुद्दे पर आंदोलन करेगी।

इस दौरान सिंघार ने पीड़ित परिवार के लिए कई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने अपनी ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग राज्य सरकार के समक्ष रखी। साथ ही उन्होंने संबल योजना के तहत मिलने वाले सभी लाभ जल्द से जल्द दिलाने के निर्देश दिए।

मीडिया से बातचीत में सिंघार ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन वास्तविकता में किसान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों ने रिश्वत लेकर किसान की जमीन दूसरे के नाम कर दी, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया और आत्महत्या करने को मजबूर हुआ।

मृतक किसान के परिजनों ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों की कथित भ्रष्टाचारपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण उनकी पुश्तैनी जमीन छिन गई थी। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक जवाबदेही और किसानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी, प्रदेश प्रवक्ता राहुल राज और अन्य नेता भी मौजूद रहे। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही जा रही है।