भारत-भूटान सीमा शुल्क बैठक, व्यापार और बॉर्डर प्रबंधन को नई मजबूती

Tue 21-Apr-2026,06:28 PM IST +05:30

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भारत-भूटान सीमा शुल्क बैठक, व्यापार और बॉर्डर प्रबंधन को नई मजबूती India-Bhutan-Customs-JGC-Meeting-2026
  • भारत-भूटान JGC बैठक में सीमा शुल्क सहयोग, समन्वित सीमा प्रबंधन और तस्करी-रोधी तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

  • 2024-25 में 1.9 अरब डॉलर से अधिक व्यापार और 46% वृद्धि ने दोनों देशों के मजबूत आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई दी।

  • डिजिटलीकरण, ECTS और अवसंरचना सुधार से सीमा पार व्यापार को अधिक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई।

Delhi / Delhi :

Delhi/ भारत और भूटान के बीच व्यापार और सीमा शुल्क सहयोग को नई मजबूती देने के उद्देश्य से सीमा शुल्क पर संयुक्त समूह (JGC) की सातवीं बैठक 20-21 अप्रैल 2026 को मुन्नार, केरल में आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और सीमा प्रबंधन, व्यापार सुगमता तथा तस्करी-रोधी उपायों को मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा की। बैठक का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और कुशल बनाना रहा।

बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के सदस्य (सीमा शुल्क) योगेंद्र गर्ग और भूटान के वित्त मंत्रालय के राजस्व एवं सीमा शुल्क विभाग के महानिदेशक सोनम जामत्शो ने की। दोनों देशों के बीच लंबे समय से मजबूत व्यापारिक संबंध रहे हैं, जहां भारत भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भूटान के कुल व्यापार का लगभग 80 प्रतिशत भारत के साथ होता है, जो इस साझेदारी की गहराई को दर्शाता है।

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-भूटान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1.9 अरब डॉलर से अधिक रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 46 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है। यह वृद्धि दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग और व्यापारिक विश्वास को दर्शाती है।

बैठक में समन्वित सीमा प्रबंधन (CBM), सीमा शुल्क आंकड़ों के आगमन-पूर्व आदान-प्रदान के लिए समझौता ज्ञापन (MoU), और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इसके अलावा, तस्करी-रोधी तंत्र को मजबूत करने, प्रवर्तन सहयोग बढ़ाने और सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण पर भी जोर दिया गया।

दोनों पक्षों ने इलेक्ट्रॉनिक कार्गो ट्रैकिंग सिस्टम (ECTS) के तहत पारगमन कार्गो के सुगम आवागमन पर विचार किया। इसके साथ ही सीमा पर अवसंरचना सुधार, व्यापारिक सुविधाओं में वृद्धि और प्रक्रियाओं के सरलीकरण जैसे मुद्दों की समीक्षा की गई। वर्तमान में भारत-भूटान सीमा पर पश्चिम बंगाल और असम में कुल 10 अधिसूचित भूमि सीमा शुल्क केंद्र सक्रिय हैं, जो व्यापार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भूटान के प्रतिनिधिमंडल ने कोच्चि बंदरगाह का दौरा भी किया, जहां उन्हें आयात-निर्यात प्रक्रियाओं, कंटेनर हैंडलिंग और समुद्री सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। इसमें समुद्री गश्त, संदिग्ध जहाजों की पहचान और उन्नत संचार प्रणालियों के उपयोग को शामिल किया गया।

बैठक का समापन सकारात्मक माहौल में हुआ, जहां दोनों देशों ने व्यापार, वाणिज्य और पारगमन समझौते के तहत सीमा शुल्क सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह पहल न केवल द्विपक्षीय व्यापार को गति देगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग और स्थिरता को भी बढ़ावा देगी।