बिहार राज्यसभा चुनाव: पांचों सीटों पर NDA की जीत, महागठबंधन की रणनीति कमजोर पड़ी

Tue 17-Mar-2026,02:20 PM IST +05:30

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बिहार राज्यसभा चुनाव: पांचों सीटों पर NDA की जीत, महागठबंधन की रणनीति कमजोर पड़ी Bihar Rajya Sabha Election Result
  • NDA ने बिहार राज्यसभा की सभी 5 सीटों पर जीत दर्ज की.

  • दूसरी वरीयता के वोट से पांचवीं सीट पर NDA को सफलता.

  • महागठबंधन के विधायकों की अनुपस्थिति से विपक्ष कमजोर पड़ा.

Bihar / Patna :

Patna / बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA ने राज्यसभा की सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज करते हुए अपनी मजबूत स्थिति का प्रदर्शन किया है। इस चुनाव में बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष Nitin Nabin को 44-44 वोट मिले और दोनों राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए। इसके अलावा NDA के अन्य उम्मीदवारों में Ramnath Thakur और Upendra Kushwaha को 42-42 वोट प्राप्त हुए। पांचवीं सीट के लिए मुकाबला थोड़ा दिलचस्प रहा, लेकिन अंततः यह सीट भी NDA के खाते में चली गई।

राज्यसभा चुनाव में पांचवीं सीट को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा रही। पहली वरीयता के वोटों की गिनती में भाजपा के उम्मीदवार Shivesh Ram को 30 वोट मिले थे, जबकि राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार A D Singh को 37 वोट प्राप्त हुए। हालांकि चुनाव की प्रक्रिया में दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती निर्णायक साबित हुई। दूसरी वरीयता की गिनती के बाद समीकरण बदल गए और अंततः शिवेश राम ने एडी सिंह को पराजित करते हुए पांचवीं सीट भी NDA के पक्ष में कर दी। इस प्रकार NDA ने सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज कर बिहार की राजनीति में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।

इस चुनाव में मतदान का आंकड़ा भी काफी चर्चा में रहा। विधानसभा में NDA के कुल 202 विधायक हैं और जानकारी के अनुसार सभी विधायकों ने मतदान में हिस्सा लिया। वहीं महागठबंधन के विधायकों की संख्या अधिक होने के बावजूद मतदान में उनकी पूरी भागीदारी नहीं दिखी। महागठबंधन की ओर से केवल 37 विधायकों ने ही वोट डाले। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कम से कम 41 वोटों की आवश्यकता थी, लेकिन महागठबंधन के चार विधायक मतदान करने नहीं पहुंचे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चार विधायकों की अनुपस्थिति ने चुनावी परिणामों को प्रभावित किया और विपक्ष की स्थिति कमजोर पड़ गई।

बिहार की राजनीति में इस परिणाम को NDA के लिए बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा पहुंचना भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय रहने वाले नीतीश कुमार का संसद के उच्च सदन में पहुंचना भविष्य की राजनीतिक दिशा के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन का राज्यसभा के लिए निर्वाचित होना पार्टी के संगठनात्मक नेतृत्व के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस चुनाव में NDA की रणनीति काफी संगठित रही। गठबंधन के सभी विधायकों का मतदान में हिस्सा लेना और वोटों का सही प्रबंधन करना इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। दूसरी ओर महागठबंधन के चार विधायकों का मतदान में हिस्सा न लेना विपक्ष की रणनीति में कमजोरी के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह संदेश भी गया कि विपक्ष अपनी पूरी ताकत के साथ चुनावी मुकाबले में नहीं उतर पाया।

इस परिणाम का असर आने वाले समय में बिहार की राजनीति पर भी पड़ सकता है। राज्यसभा में NDA की संख्या बढ़ने से संसद में भी गठबंधन की स्थिति मजबूत होगी। वहीं बिहार के भीतर भी यह जीत सत्तारूढ़ गठबंधन के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली मानी जा रही है। फिलहाल इस चुनाव के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आगामी राजनीतिक समीकरणों में यह जीत NDA के लिए एक महत्वपूर्ण आधार साबित हो सकती है।