10 दिन बाद स्थगित मध्य प्रदेश विधानसभा
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मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 दिनों बाद स्थगित, कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल का शीर्षासन कर विरोध चर्चा में।
झूठी एफआईआर के आरोपों पर गरमाई राजनीति, सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक।
भोपाल/ Madhya Pradesh विधानसभा का बजट सत्र 10 दिनों की कार्यवाही के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र के दौरान सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। अंतिम दिन सदन के बाहर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन चर्चा का केंद्र बना, जब कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने शीर्षासन कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया।
बजट सत्र के दसवें दिन सदन परिसर में उस समय हलचल मच गई जब कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल उल्टा खड़े होकर विरोध जताने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज की गई है और यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई है। उनका कहना था कि उन्होंने केवल एक सामाजिक समारोह में पटाखा चलाया था, लेकिन उनके खिलाफ बंदूक चलाने का मामला दर्ज कर लिया गया।
विधायक जंडेल ने कहा कि सरकार उन्हें डराने का प्रयास कर रही है, लेकिन वे सच की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैं सरकार से नहीं डरने वाला हूं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता रहूंगा।” उनके इस विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस के अन्य विधायकों का भी समर्थन मिला।
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा। सदन के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर जमकर नोकझोंक हुई।
16 फरवरी से शुरू हुआ यह बजट सत्र कुल 62 घंटे चला। इस दौरान विभिन्न विभागों के बजट प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। कई ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और प्रश्नोत्तर भी हुए। हालांकि सत्र 6 मार्च तक प्रस्तावित था, लेकिन निर्धारित कार्यसूची पूरी होने के बाद इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्र के अंतिम दिन हुए इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले समय में इसका असर दिखाई दे सकता है।