ऊर्जा संकट पर सियासत तेज, सरकार ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
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सरकार ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट के समय भी वह देशहित के बजाय राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।
सरकार ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट के समय भी वह देशहित के बजाय राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।
Delhi/ देश में गैस आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट को लेकर सियासत तेज होती नजर आ रही है। सत्तापक्ष ने विपक्ष, विशेषकर Indian National Congress पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी राजनीति करने से पीछे नहीं हटती। सरकार का कहना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात भारत के कारण नहीं बने हैं, बल्कि यह वैश्विक परिस्थितियों का परिणाम हैं।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि इस मुद्दे पर संसद में विस्तार से जानकारी दी जा चुकी है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने सदन में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, गैस आपूर्ति और भारत पर उसके प्रभाव को लेकर पूरी स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर पैदा हुई परिस्थितियों के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है।
सत्तापक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसी स्थिति में सभी दलों को मिलकर देश के हित में काम करना चाहिए, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी कर रहा है। उनका कहना है कि संकट के समय राष्ट्रीय एकजुटता जरूरी होती है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक अवसर के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।
सरकार की ओर से यह भी दावा किया गया कि हाल ही में गैस सिलेंडर की कथित कालाबाजारी के एक मामले में कांग्रेस से जुड़े एक नेता का नाम सामने आया है। इसे लेकर सत्तापक्ष ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और कहा कि जो लोग खुद इस तरह के मामलों में घिरे हैं, वे सरकार पर आरोप लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
सत्तापक्ष ने इस मुद्दे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि देश के सामने जब अंतरराष्ट्रीय चुनौतियां खड़ी हों, तब राजनीतिक दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। सरकार का कहना है कि वह देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और आम लोगों पर संकट का असर कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऊर्जा संकट और महंगाई जैसे मुद्दे आने वाले समय में राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन सकते हैं। ऐसे में सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना है।