बिहार राज्यसभा चुनाव पर तेजस्वी यादव का हमला, बोले- धनतंत्र और मशीन तंत्र से जीती बीजेपी

Mon 16-Mar-2026,08:52 PM IST +05:30

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बिहार राज्यसभा चुनाव पर तेजस्वी यादव का हमला, बोले- धनतंत्र और मशीन तंत्र से जीती बीजेपी Tejashwi Yadav Statement News
  • तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर धनतंत्र और मशीन तंत्र का आरोप लगाया.

  • महागठबंधन के कुछ विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए.

  • एनडीए की पांचों सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही.

Bihar / Patna :

Patna / बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हुए चुनाव में एनडीए की जीत लगभग तय मानी जा रही है। इसी बीच बिहार विधानसभा से बाहर निकलते ही विपक्ष के नेता और Tejashwi Yadav ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान भाजपा ने धनतंत्र और मशीन तंत्र का इस्तेमाल कर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश की है।

मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर महागठबंधन के कुछ विधायकों ने धोखा नहीं दिया होता तो नतीजे अलग हो सकते थे। उनका कहना था कि विपक्ष पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरा था और आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ी गई। उन्होंने कहा कि “सबको पता है कि एजेंसियां कहां हैं और किस तरह का दबाव बनाया जाता है। लेकिन हमारी संख्या चाहे जितनी भी होती, हम भाजपा के खिलाफ लड़ते रहते और आगे भी लड़ते रहेंगे।”

तेजस्वी ने यह भी कहा कि भाजपा ने राजनीति में धनबल और दबाव की जो परंपरा शुरू की है, उसका अंत एक दिन जरूर होगा। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन ने संख्या में कमी के बावजूद मुकाबला किया और भाजपा के सामने झुके नहीं। तेजस्वी यादव के मुताबिक महागठबंधन के पास करीब 35 विधायकों का समर्थन था, जबकि एनडीए के पास भी पांचवीं सीट जीतने के लिए पूरी संख्या नहीं थी। इसके बावजूद महागठबंधन ने पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ा।

उन्होंने यह भी बताया कि इस चुनाव में All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen के पांच विधायकों और Bahujan Samaj Party के एक विधायक ने महागठबंधन का समर्थन किया था। तेजस्वी के अनुसार यदि महागठबंधन के कुछ विधायक मतदान के दौरान अनुपस्थित न रहते, तो परिणाम अलग हो सकता था।

दरअसल जानकारी के अनुसार कांग्रेस के तीन और राष्ट्रीय जनता दल के एक विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए। इसी वजह से महागठबंधन की संभावित सीट भी हाथ से निकल गई और एनडीए को पांचवीं सीट पर बढ़त मिल गई। दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के आधार पर एनडीए उम्मीदवार शिवेश कुमार की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

जब पत्रकारों ने तेजस्वी यादव से पूछा कि उनके कुछ विधायक मतदान के समय सदन में क्यों नहीं पहुंचे या उन्होंने पाला क्यों बदल लिया, तो उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की समीक्षा बाद में की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता संगठन को मजबूत करना और भाजपा की नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखना है।

तेजस्वी यादव ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में जनता उन्हें फिर से मौका देगी और महागठबंधन मजबूत होकर उभरेगा। हालांकि राज्यसभा चुनाव के परिणामों को लेकर अभी आधिकारिक अधिसूचना जारी होना बाकी है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक संकेतों से यह साफ है कि बिहार में इस चुनाव के बाद सियासी बयानबाजी और तेज होने वाली है।