2026–27 में होगी देश की पहली डिजिटल जनगणना
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India Population Census News
भारत में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना आयोजित होगी.
2026 में मकान सूचीकरण और 2027 में जनसंख्या गणना.
मोबाइल एप और ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन का उपयोग.
Delhi / भारत में अगली जनगणना को लेकर सरकार ने विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार देश में जनगणना 2026–27 के दौरान दो चरणों में कराई जाएगी। इस बार की जनगणना कई मायनों में विशेष मानी जा रही है, क्योंकि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल एप और ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन जैसी सुविधाओं का उपयोग किया जाएगा। इससे आंकड़ों के संग्रहण और विश्लेषण की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी होने की उम्मीद है।
पहला चरण मकान सूचीकरण और आवास संबंधी जानकारी जुटाने का होगा। यह चरण 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान देश भर में हर घर का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसमें मकान की स्थिति, उपयोग, उपलब्ध सुविधाएं, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी एकत्र की जाएगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि देश में कितने मकान हैं और उनमें किस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
जनगणना कार्यक्रम के अनुसार इससे पहले कई प्रशासनिक और प्रशिक्षण संबंधी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। जिला स्तरीय अधिकारियों और मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण फरवरी और मार्च 2026 में कराया जाएगा, जबकि फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण मार्च और अप्रैल में होगा। इसके बाद सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे डिजिटल उपकरणों और एप के माध्यम से डेटा संग्रहण की प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा कर सकें।
कार्यक्रम के तहत मकान सूचीकरण के लिए हाउस-लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) का गठन भी किया जाएगा। इसके लिए 15 फरवरी से 15 मार्च 2026 के बीच ब्लॉकों की पहचान और मैपिंग की जाएगी। इसके अलावा तकनीकी तैयारियों के तहत विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर डिजिटल अकाउंट और डेटा प्रबंधन प्रणाली तैयार की जाएगी, जिससे जनगणना से जुड़ी सूचनाओं को व्यवस्थित ढंग से संकलित किया जा सके।
दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इस चरण में देश की वास्तविक जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें लोगों की आयु, शिक्षा, भाषा, धर्म, सामाजिक स्थिति, परिवार संरचना और अन्य महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक आंकड़े शामिल होंगे। इस चरण की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि निर्धारित की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल माध्यम से होने वाली यह जनगणना देश की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सटीक और अद्यतन आंकड़े सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद करेंगे। इसके साथ ही नागरिकों को भी ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने की सुविधा मिलने से प्रक्रिया अधिक सहभागी और पारदर्शी बन सकेगी।