टेकनपुर में 44वीं अखिल भारतीय पुलिस अश्वारोही प्रतियोगिता संपन्न
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टेकनपुर स्थित सीमा सुरक्षा बल अकादमी में 44वीं अखिल भारतीय पुलिस अश्वारोही प्रतियोगिता का भव्य समापन।
केंद्रीय व राज्य पुलिस बलों की घुड़सवार टीमों ने कौशल, अनुशासन और ऑपरेशनल दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया।
टेकनपुर/ सीमा सुरक्षा बल अकादमी, टेकनपुर में आयोजित 44वीं अखिल भारतीय पुलिस अश्वारोही प्रतियोगिता एवं माउंटेड पुलिस ड्यूटी मीट का भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और विभिन्न राज्य पुलिस बलों की उत्कृष्ट घुड़सवार टीमों ने भाग लिया। आयोजन ने सुरक्षा बलों की परंपरा, अनुशासन और पेशेवर दक्षता को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
समापन समारोह की मुख्य अतिथि विशेष महानिदेशक (मानव संसाधन) महेश कुमार अग्रवाल रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल बलों की गौरवशाली परंपराओं को मजबूत करते हैं, बल्कि आधुनिक पुलिसिंग में घुड़सवार इकाइयों की भूमिका को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने विजेता टीमों को बधाई दी और भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन की अपेक्षा व्यक्त की।
प्रतियोगिता के दौरान घुड़सवारों ने अपने कौशल, संतुलन, अनुशासन और संचालन क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में बाधा दौड़, ड्रिल प्रदर्शन और ऑपरेशनल मूवमेंट जैसी गतिविधियां शामिल रहीं। प्रतिभागियों ने उच्च स्तर की तैयारी और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया, जिससे आयोजन रोमांचक और प्रतिस्पर्धात्मक बना रहा।
अकादमी प्रशासन ने प्रतिभागी टीमों और उनके घोड़ों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। आधुनिक अस्तबल, विशेष प्रशिक्षण मैदान, पशु चिकित्सा सुविधाएं और आवास की समुचित व्यवस्था की गई। इन व्यवस्थाओं के कारण प्रतियोगिता सुचारू और सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी।
समापन अवसर पर बेस्ट हॉर्स, बेस्ट वूमेन राइडर, बेस्ट राइडर तथा 44वीं माउंटेड पुलिस ड्यूटी मीट ट्रॉफी सहित विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किए गए। विजेताओं को ट्रॉफी और सम्मान प्रदान कर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की गई।
आयोजन का उद्देश्य सुरक्षा बलों में घुड़सवारी की परंपरा को सशक्त बनाना, ऑपरेशनल दक्षता को बढ़ावा देना और विभिन्न बलों के बीच बेहतर समन्वय एवं सहयोग की भावना विकसित करना रहा। प्रतियोगिता ने यह साबित किया कि आधुनिक सुरक्षा तंत्र में भी अश्वारोही इकाइयों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।