संक्रामक रोग शोध को बढ़ावा: JNCASR और YRGCAR में साझेदारी
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नई साझेदारी युवा वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को क्लिनिकल रिसर्च, उन्नत उपकरणों और वास्तविक चिकित्सा चुनौतियों के साथ जोड़कर स्वास्थ्य अनुसंधान को मजबूत करेगी।
जेएनसीएएसआर और वाईआरजीकेयर के बीच हुए समझौते से संक्रामक रोगों के वैज्ञानिक शोध को सीधे मरीजों के उपचार और सार्वजनिक स्वास्थ्य समाधानों से जोड़ने की दिशा में पहल।
Delhi/ भारत में संक्रामक रोगों के शोध और उपचार के बीच की दूरी कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (JNCASR) और वाईआरजीकेयर (YRGCARE) ने संक्रामक रोगों तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े अनुसंधानों को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य प्रयोगशाला आधारित शोध को सीधे मरीजों के उपचार और सार्वजनिक स्वास्थ्य समाधान में बदलना है।
इस सहयोग के तहत दोनों संस्थान वैज्ञानिक अनुसंधान, नैदानिक अनुभव और तकनीकी संसाधनों को साझा करेंगे। JNCASR की बहुविषयक वैज्ञानिक क्षमताओं को YRGCARE की एड्स रोकथाम, उपचार और रोगी देखभाल से जुड़ी दशकों की विशेषज्ञता के साथ जोड़ा जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारत में संक्रामक रोगों के प्रभावी समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
समझौते के तहत बेंगलुरु स्थित JNCASR परिसर में ‘सुनीति सोलोमन रिसर्च लैबोरेटरी’ की स्थापना की जाएगी। यह प्रयोगशाला संयुक्त अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनेगी, जहां वैज्ञानिक, चिकित्सक और शोधकर्ता मिलकर विभिन्न परियोजनाओं पर काम करेंगे। यहां समूह आधारित अध्ययन, क्लिनिकल रिसर्च और नई स्वास्थ्य तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू युवा वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को वास्तविक चिकित्सा चुनौतियों से जोड़ना है। प्रयोगशाला में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों और युवा शोधकर्ताओं को आधुनिक उपकरणों और नैदानिक समस्याओं के समाधान पर काम करने का अवसर मिलेगा।
समझौते के अनुसार JNCASR अनुसंधान के लिए स्थान, आधुनिक उपकरण और शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराएगा। वहीं YRGCARE प्रयोगशाला की स्थापना और उसे आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित करेगा तथा संयुक्त परियोजनाओं में क्लिनिकल अनुभव और शोध विशेषज्ञता प्रदान करेगा।
इसके अलावा, JNCASR में ‘YRGCARE–सुनीति सोलोमन विशिष्ट संकाय फैलोशिप’ भी स्थापित की जाएगी। यह पांच वर्ष की अवधि के लिए होगी और एक नए संकाय सदस्य, विशेष रूप से महिला वैज्ञानिक को अनुसंधान प्रयोगशाला का नेतृत्व करने और शैक्षणिक कार्यक्रमों में योगदान देने के लिए सहायता प्रदान करेगी।
प्रारंभिक रूप से पांच वर्षों के लिए लागू यह समझौता वैज्ञानिक उत्कृष्टता, नवाचार और नैतिक अनुसंधान के प्रति दोनों संस्थानों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान को मजबूत करने और संक्रामक रोगों से निपटने के लिए प्रभावी समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।