जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती शोभायात्रा का बढ़ा रूट, कड़ी सुरक्षा में निकलेगा जुलूस
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Jahangirpuri-Hanuman-Jayanti-Procession-Security
2022 की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने ड्रोन, सीसीटीवी और अतिरिक्त बल के साथ बहु-स्तरीय सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन लागू किया है।
जुलूस में अधिकतम 500 लोगों को अनुमति, हथियार और भड़काऊ गतिविधियों पर प्रतिबंध, आयोजकों को सख्त दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य किया गया है।
Jahangirpuri/ जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के अवसर पर इस बार शोभायात्रा का स्वरूप पहले से बड़ा और अधिक व्यवस्थित होने जा रहा है। वर्ष 2022 में हुए दंगे के बाद जहां जुलूस केवल 500 मीटर तक सीमित था, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर करीब 2 किलोमीटर तक निकाला जाएगा। पुलिस प्रशासन ने इस आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। शोभायात्रा को निर्धारित मार्ग और समय के अनुसार ही पुलिस की कड़ी निगरानी में निकाला जाएगा। प्रतिभागियों को सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
यह शोभायात्रा दिल्ली जलबोर्ड डीडीए फ्लैट्स से शुरू होकर टी-पॉइंट, महिंद्रा पार्क थाना मार्ग, डीडीए ए-ब्लॉक रोड, एमएलए रोड, मंगल बाजार चौक और अन्य प्रमुख स्थानों से होते हुए आदर्श नगर स्थित साईं मंदिर पर समाप्त होगी। पुलिस ने जुलूस में अधिकतम 500 लोगों की भागीदारी तय की है। किसी भी प्रकार के हथियार, लाठी या खतरनाक वस्तु ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही भड़काऊ नारेबाजी और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर भी सख्त रोक लगाई गई है। लाउडस्पीकर के उपयोग को भी निर्धारित मानकों के तहत ही अनुमति दी जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग, पिकेट्स और गहन पेट्रोलिंग की जाएगी। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए रियल-टाइम निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया गया है।
हनुमान जयंती से पहले अमन समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें पुलिस अधिकारियों और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में शांति बनाए रखने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। प्रशासन का लक्ष्य है कि यह धार्मिक आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो।