MP में जातिगत टिप्पणी विवाद, ऑडियो पर FIR की मांग, आरोपी ने बताया फेक

Tue 31-Mar-2026,05:55 PM IST +05:30

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MP में जातिगत टिप्पणी विवाद, ऑडियो पर FIR की मांग, आरोपी ने बताया फेक MP-Caste-Remark-Audio-Fir-Demand-AI-Controversy
  • नर्मदापुरम में जातिगत टिप्पणी के आरोप पर शिकायत, SC/ST एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर बढ़ा दबाव।

  • ऑडियो क्लिप को बनाया गया मुख्य साक्ष्य, जिसमें आरोपी पर पुलिस और कानून व्यवस्था का मजाक उड़ाने का आरोप, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ा।

Madhya Pradesh / Pachmarhi :

Narmadapuram News/ मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और जातिगत विद्वेष फैलाने से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। पचमढ़ी निवासी प्रशांत कुमार सिहोटे ने इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग, भोपाल में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोपों के सामने आने के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है और स्थानीय संगठनों ने भी पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, आरोपी रूपेंद्र साहू पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक संवाद के दौरान अनुसूचित जाति समाज के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी खुद को एक राजनीतिक संगठन का पदाधिकारी बताकर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हैं। मामले में एक ऑडियो क्लिप को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें कथित तौर पर आरोपी द्वारा न केवल जातिगत टिप्पणी की गई है, बल्कि पुलिस और कानूनी व्यवस्था का भी मजाक उड़ाया गया है।

इस कथित ऑडियो के सामने आने के बाद स्थानीय दलित समाज में असंतोष और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। डूमर समाज के प्रतिनिधियों सहित कई अनुसूचित जाति संगठनों ने संबंधित पुलिस थाने में ज्ञापन सौंपकर आरोपी के खिलाफ SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

शिकायतकर्ता प्रशांत सिहोटे ने आयोग से अपील की है कि नर्मदापुरम के पुलिस अधीक्षक और अजाक्स थाना प्रभारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं। साथ ही, मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जांच किसी राजपत्रित अधिकारी, विशेष रूप से DSP स्तर के अधिकारी से कराए जाने की मांग की गई है।

हालांकि, आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोपी रूपेंद्र साहू ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि संबंधित ऑडियो पूरी तरह से एआई तकनीक के माध्यम से तैयार किया गया है और इसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने इसे उनकी छवि धूमिल करने की साजिश बताया है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में सभी की नजरें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।