गुजरात में UCC बिल पेश होगा, हर्ष संघवी बोले- महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम
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गुजरात में यूसीसी बिल पेश होने से महिलाओं को समान अधिकार और कानूनी सुरक्षा मिलेगी, जिससे समाज में न्याय और समानता को बढ़ावा मिलेगा।
गुजरात यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बन सकता है, जो अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल और मार्गदर्शक साबित होगा।
Gujara/ गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है। इसी बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बड़ा बयान देते हुए इसे ऐतिहासिक दिन बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम खासतौर पर महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। राज्य सरकार द्वारा जल्द ही विधानसभा में यूसीसी बिल पेश किए जाने की तैयारी है, जिसे लेकर व्यापक चर्चा जारी है।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सदन में समान नागरिक संहिता बिल पेश किया जाएगा, जो गुजरात की बहनों, बेटियों और माताओं के लिए समान कानूनी अधिकार सुनिश्चित करेगा। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे समाज में समानता और न्याय को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि देश को भले ही 1947 में स्वतंत्रता मिल गई हो, लेकिन विभिन्न धर्मों और परंपराओं के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण समानता पूरी तरह स्थापित नहीं हो पाई। इस असमानता का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं पर पड़ा है, जिन्हें कई मामलों में न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
यूसीसी लागू होने के बाद विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य पारिवारिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा। इससे महिलाओं को कानूनी सुरक्षा और अधिकारों में मजबूती मिलेगी। हर्ष संघवी ने स्पष्ट किया कि यह कानून किसी एक धर्म को ध्यान में रखकर नहीं लाया जा रहा है, बल्कि पूरे समाज में समानता स्थापित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस बिल के पारित होने के बाद गुजरात देश का दूसरा राज्य बन जाएगा जहां समान नागरिक संहिता लागू होगी। यह अन्य राज्यों के लिए भी एक मार्गदर्शक साबित हो सकता है।
उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य के सभी जनप्रतिनिधि इस बिल का समर्थन करेंगे और इसे सफल बनाने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला आने वाले समय में सामाजिक सुधार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।