मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: दुबई–अबू धाबी के लिए एयर इंडिया की कई उड़ानें रद्द, यात्री परेशान
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मिडिल ईस्ट तनाव से वैश्विक उड़ानों का शेड्यूल प्रभावित।
दुबई और अबू धाबी के लिए एयर इंडिया की कई उड़ानें रद्द।
यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह।
Delhi / मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव ने अब वैश्विक हवाई यातायात को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है या उस पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन पर पड़ रहा है। भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच चलने वाली कई उड़ानें भी इससे प्रभावित हुई हैं। दुबई एयरपोर्ट अथॉरिटी के नए निर्देशों के बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को अपनी कई निर्धारित उड़ानों को रद्द करना पड़ा है।
दुबई के लिए कई उड़ानें रद्द
एयर इंडिया ने जानकारी दी है कि दुबई एयरपोर्ट अथॉरिटी के निर्देशों के चलते उड़ानों की संख्या सीमित करनी पड़ी है। दिल्ली-दुबई मार्ग पर जहां सामान्य रूप से कई उड़ानें संचालित होती हैं, वहीं अब केवल एक रिटर्न फ्लाइट ही चलाई जा रही है। एयर इंडिया की पांच निर्धारित उड़ानों में से चार को रद्द कर दिया गया है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। कंपनी की दुबई के लिए छह निर्धारित उड़ानों में से पांच को रद्द करना पड़ा है। फिलहाल केवल एक दिल्ली-दुबई रिटर्न फ्लाइट ही संचालित की जाएगी।
अबू धाबी और अन्य शहरों पर भी असर
अबू धाबी जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एयर इंडिया एक्सप्रेस की अबू धाबी के लिए निर्धारित सभी पांच उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। इसके कारण कई यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं और सैकड़ों लोग अपनी उड़ानों के इंतजार में फंसे हुए हैं।
हालांकि शारजाह और रास अल खैमाह के लिए कुछ सीमित उड़ानों का संचालन जारी रखने की कोशिश की जा रही है। एयर इंडिया एक्सप्रेस के अनुसार शारजाह से दिल्ली, कन्नूर, कोच्चि, कोझिकोड, मुंबई और तिरुवनंतपुरम के लिए उड़ानें संचालित करने की योजना है। वहीं रास अल खैमाह से कोझिकोड और कोच्चि के लिए फ्लाइट चलाने का प्रयास किया जा रहा है।
यात्रियों के लिए जारी की गई सलाह
एयरलाइन कंपनियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान का स्टेटस जरूर जांच लें। मौजूदा हालात में उड़ानों का संचालन पूरी तरह स्लॉट उपलब्धता और सुरक्षा स्थितियों पर निर्भर कर रहा है। इसलिए किसी भी समय शेड्यूल में बदलाव संभव है।
युद्ध का वैश्विक असर
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक विमानन उद्योग पर भी पड़ रहा है। कई एयरलाइंस अपने रूट बदलने को मजबूर हो गई हैं, जिससे उड़ानों का समय और लागत दोनों बढ़ रही है।
यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर और अधिक प्रतिबंध लग सकते हैं। ऐसे में यात्रियों और एयरलाइंस दोनों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है।