छत्तीसगढ़ स्कूलों में नई यूनिफॉर्म लागू, किताब छपाई में देरी से बढ़ी चिंता
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Chhattisgarh-School-Uniform-Change-Book-Print-Delay
ब्लू चेक शर्ट और स्लेटी पैंट/ट्यूनिक को नई ड्रेस के रूप में लागू किया गया, जिससे स्थानीय उद्योग को बढ़ावा और स्कूलों में एकरूपता सुनिश्चित होगी।
छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र से 51 लाख से अधिक छात्रों को नई यूनिफॉर्म मिलेगी, हाथकरघा संघ द्वारा बस्तर के पांच जिलों में सप्लाई शुरू।
Raipur/ छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र से सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। राज्य सरकार ने छात्रों के लिए नई यूनिफॉर्म लागू करने का फैसला लिया है, जिसके तहत इस साल 51 लाख से अधिक यूनिफॉर्म वितरित की जाएंगी। हाथकरघा संघ ने बस्तर संभाग के पांच जिलों में यूनिफॉर्म की सप्लाई भी शुरू कर दी है। हालांकि, इसी बीच 44 लाख छात्रों की किताबों की छपाई शुरू न होने से शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, इस बार छात्रों के लिए ब्लू चेक शर्ट और स्लेटी पैंट या ट्यूनिक को नई यूनिफॉर्म के रूप में तय किया गया है। इसका उद्देश्य न केवल एकरूपता लाना है, बल्कि स्थानीय स्तर पर हाथकरघा उद्योग को बढ़ावा देना भी है। बस्तर संभाग के जिलों में यूनिफॉर्म वितरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसे जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
इस योजना के तहत राज्य के लाखों छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए उत्पादन और वितरण की प्रक्रिया को तेज किया गया है। वहीं, दूसरी ओर किताबों की छपाई में देरी ने शिक्षा सत्र की शुरुआत को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
करीब 44 लाख छात्रों के लिए पाठ्यपुस्तकों की छपाई अब तक शुरू नहीं हो सकी है, जिससे स्कूल खुलने के बाद पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। अभिभावकों और शिक्षकों ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है और सरकार से जल्द समाधान की मांग की है।
शिक्षा विभाग का कहना है कि किताबों की छपाई प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी और समय रहते सभी स्कूलों तक पुस्तकें पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल, यूनिफॉर्म वितरण की रफ्तार तेज है, लेकिन किताबों की देरी ने नई शिक्षा सत्र की तैयारियों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।