भारत जनगणना 2026 डिजिटल: 33 सवाल और सेल्फ एन्युमरेशन सुविधा
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2026 की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें सेल्फ-एन्युमरेशन पोर्टल से नागरिक खुद जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता और सटीकता बढ़ेगी।
33 सवालों का प्रश्न बैंक घर, परिवार, सुविधाओं और खान-पान तक की जानकारी जुटाकर सरकार को योजनाओं के लिए विस्तृत डेटा उपलब्ध कराएगा।
Delhi/ भारत में 16वीं जनगणना 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है, जो इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक और तकनीकी रूप से उन्नत होगी। यह केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश के सामाजिक, आर्थिक और डिजिटल बदलावों की व्यापक तस्वीर भी सामने लाएगी। सरकार ने इसके लिए 33 सवालों का विस्तृत प्रश्न बैंक तैयार किया है, जो नागरिकों के जीवन स्तर, सुविधाओं और सामाजिक ढांचे को गहराई से समझने में मदद करेगा।
इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी, जो इसे पहले की सभी जनगणनाओं से अलग बनाती है। नागरिकों को ‘सेल्फ-एन्युमरेशन पोर्टल’ के जरिए खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी गई है। यह सुविधा हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) और पॉपुलेशन एन्यूमरेशन दोनों चरणों में उपलब्ध रहेगी। इससे डेटा संग्रह की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और अधिक सटीक होने की उम्मीद है।
जनगणना में घर से जुड़ी कई अहम जानकारियां ली जाएंगी, जिनमें मकान का प्रकार, मालिकाना हक, निर्माण सामग्री, घर का उपयोग और उसकी स्थिति शामिल है। इसके अलावा परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, सामाजिक वर्ग (SC/ST/OBC) और परिवार के सदस्यों की संख्या जैसे प्रश्न भी पूछे जाएंगे।
इस बार सरकार नागरिकों की जीवनशैली और सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दे रही है। घर में उपलब्ध पेयजल, बिजली, शौचालय, इंटरनेट जैसी सुविधाओं के साथ-साथ वाहन स्वामित्व (साइकिल, स्कूटर, कार) की जानकारी भी जुटाई जाएगी। इतना ही नहीं, परिवार के खान-पान से जुड़े सवाल, जैसे मुख्य अनाज का उपयोग, भी इस जनगणना का हिस्सा होंगे।
सबसे खास बदलाव यह है कि पहली बार Live-in Relationship को आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है। लंबे समय से साथ रहने वाले जोड़ों को ‘विवाहित’ श्रेणी में गिनने का प्रावधान सामाजिक बदलावों की स्वीकृति को दर्शाता है।
सरकार के अनुसार, यह जनगणना आने वाले 10 वर्षों की योजनाओं की नींव साबित होगी। डिजिटल डेटा के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार से जुड़ी नीतियां अधिक सटीक तरीके से बनाई जा सकेंगी। कुल मिलाकर, Census 2026 देश के विकास की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी बेहद अहम होगी।