रायपुर नगर निगम बजट 2026-27 आज, 1600 करोड़ से विकास को रफ्तार
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Raipur-Municipal-Budget-2026-27
स्वच्छता, जल आपूर्ति, सड़क निर्माण और स्मार्ट निगरानी सिस्टम जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश बढ़ाकर नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना है।
नगर निगम राजस्व बढ़ाने के लिए ऑनलाइन होर्डिंग सिस्टम और नई विज्ञापन नीति लागू कर वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है।
Raipur/ रायपुर नगर निगम आज वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना बजट पेश करने जा रहा है, जिसे शहर के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बार नगर निगम करीब 1600 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत कर सकता है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता, जल आपूर्ति और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर विशेष जोर रहने की संभावना है।
महात्मा गांधी सदन स्थित नगर निगम मुख्यालय में सुबह 11 बजे सामान्य सभा की बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में महापौर Meenal Choubey बजट पेश करेंगी और सदन को संबोधित करेंगी। बैठक की शुरुआत पिछली कार्यवाही की पुष्टि से होगी, जिसके बाद लगभग एक घंटे का प्रश्नकाल रखा गया है। इसके पश्चात एमआईसी द्वारा तय 17 विभिन्न एजेंडों पर चर्चा की जाएगी, जिनमें विकास कार्य, नामकरण और अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।
पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निगम का कुल बजट 1529.53 करोड़ रुपए था। इसमें से लगभग 1528.73 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का अनुमान था, जबकि करीब 79 लाख रुपए अधिशेष के रूप में रहने की संभावना जताई गई थी। इस बार बजट में पिछले साल की योजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ नए विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा सकती है।
पिछले बजट में रायपुर को महानगर के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया था। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में फ्लाईओवर निर्माण, 18 प्रमुख चौक-चौराहों का पुनर्विकास, सीसीटीवी कैमरे और स्मार्ट निगरानी प्रणाली जैसी योजनाएं शामिल थीं। इसके अलावा ऑटोमेटेड पार्किंग और शहरी सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए भी कई प्रस्ताव रखे गए थे।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के तहत लोक कर्म विभाग के लिए करीब 97 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था। इसमें सीमेंट सड़कों का निर्माण, नालियों का विस्तार, फुटपाथ और चौराहों का विकास जैसे कार्य शामिल हैं। वहीं स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लगभग 77.55 करोड़ रुपए का बजट रखा गया था, जिसमें मच्छर नियंत्रण, आवारा कुत्तों की नसबंदी और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जैसी योजनाएं शामिल थीं।
जल कार्य विभाग के लिए 68 करोड़ रुपए और विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के लिए 74 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था। इसमें पेयजल आपूर्ति, पंप स्थापना, स्ट्रीट लाइट और सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर ध्यान दिया गया था।
नगर निगम अपनी आय बढ़ाने के लिए ऑनलाइन होर्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम और नई विज्ञापन नीति लागू करने की दिशा में भी कदम उठा रहा है। आज पेश होने वाला बजट शहर को महानगर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।