भारतीय नौसेना को मिला ‘संशोधक’ सर्वेक्षण पोत, समुद्री क्षमता को बड़ी मजबूती

Tue 31-Mar-2026,05:20 PM IST +05:30

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भारतीय नौसेना को मिला ‘संशोधक’ सर्वेक्षण पोत, समुद्री क्षमता को बड़ी मजबूती Indian-Navy-Sanshodhak-Survey-Vessel
  • भारतीय नौसेना को ‘संशोधक’ सर्वेक्षण पोत सौंपा गया, जो समुद्री सुरक्षा और नौवहन मार्ग निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • अत्याधुनिक उपकरणों से लैस यह पोत तटीय और गहरे समुद्र में हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण और समुद्री डेटा संग्रह करने में सक्षम है।

Delhi / Delhi :

Delhi/ भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत को और मजबूत करते हुए 30 मार्च 2026 को अंतिम सर्वेक्षण पोत ‘संशोधक’ को औपचारिक रूप से शामिल कर लिया गया। इस पोत का निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड, कोलकाता में किया गया है। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

‘संशोधक’ चार बड़े सर्वेक्षण पोतों की श्रृंखला का अंतिम जहाज है। इससे पहले इसी श्रेणी के आईएनएस संधायक, आईएनएस निर्देशक और आईएनएस इक्षक को क्रमशः 2024 और 2025 में सेवा में शामिल किया जा चुका है।

यह पोत हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण के लिए अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। यह तटीय और गहरे समुद्र दोनों क्षेत्रों में समुद्री मार्गों का निर्धारण, बंदरगाहों का सर्वेक्षण और नौवहन चैनलों का सटीक मानचित्रण कर सकता है। इसके अलावा, यह समुद्र विज्ञान और भूभौतिकीय डेटा संग्रह करने में भी सक्षम है, जो रक्षा और नागरिक दोनों क्षेत्रों के लिए उपयोगी है।

लगभग 3400 टन वजन और 110 मीटर लंबाई वाले इस पोत में आधुनिक उपकरण जैसे डिजिटल साइड स्कैन सोनार, स्वायत्त जलमार्ग वाहन और डीजीपीएस प्रणाली शामिल हैं। दो डीजल इंजनों से संचालित यह जहाज 18 समुद्री मील से अधिक की गति प्राप्त कर सकता है। विशेष बात यह है कि इस पोत के निर्माण में 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता को दर्शाता है। ‘संशोधक’ की तैनाती से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री निगरानी और रणनीतिक क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।