Akasa Air ने भी बढ़ाए फ्लाइट टिकट के दाम, फ्यूल सरचार्ज से महंगा हुआ हवाई सफर
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Akasa Air fuel surcharge news
अकासा एयर ने फ्लाइट टिकटों पर नया फ्यूल सरचार्ज लागू किया।
अकासा एयर ने फ्लाइट टिकटों पर नया फ्यूल सरचार्ज लागू किया।
15 मार्च के बाद बुकिंग पर 199 से 1300 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क।
Delhi / मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल का असर अब सीधे हवाई यात्रियों की जेब पर पड़ने लगा है। एयर इंडिया और इंडिगो के बाद अब अकासा एयर ने भी अपनी फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा कर दी है। कंपनी ने बताया कि 15 मार्च की रात 12:01 बजे के बाद बुक किए जाने वाले टिकटों पर अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। यह सरचार्ज 199 रुपये से लेकर 1,300 रुपये तक हो सकता है, जो उड़ान की दूरी और सेक्टर के आधार पर तय किया गया है।
क्यों बढ़ रहे हैं फ्लाइट टिकट के दाम
एयरलाइंस के इस फैसले की मुख्य वजह एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतें हैं। हाल के दिनों में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया की अस्थिर स्थिति के कारण तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। इसका सीधा असर विमानन उद्योग पर पड़ा है, क्योंकि एयरलाइंस के कुल परिचालन खर्च में जेट फ्यूल की हिस्सेदारी लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक होती है।
अकासा एयर ने स्पष्ट किया है कि जो यात्री 15 मार्च की रात 12:01 बजे से पहले टिकट बुक कर चुके हैं, उन्हें यह अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। लेकिन इसके बाद बुक किए गए टिकटों पर नया फ्यूल सरचार्ज लागू होगा।
‘पर सेक्टर’ लगेगा अतिरिक्त शुल्क
एयरलाइन ने बताया कि यह अतिरिक्त शुल्क ‘पर सेक्टर’ यानी एक तरफ की यात्रा के हिसाब से लिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि यदि कोई यात्री राउंड ट्रिप यानी आने-जाने का टिकट बुक करता है, तो उसे दोनों सेक्टर के लिए अलग-अलग सरचार्ज देना होगा। उड़ान जितनी लंबी होगी, सरचार्ज भी उतना ही अधिक होगा।
पहले ही बढ़ चुके हैं कई एयरलाइंस के किराए
अकासा एयर से पहले देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने भी टिकटों पर अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लागू किया था। इंडिगो ने 14 मार्च की रात से नई दरें लागू कर दी थीं। इसके अलावा एअर इंडिया ने 12 मार्च से घरेलू उड़ानों पर 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लागू किया है।
तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण दुनियाभर की कई एयरलाइंस ने टिकटों के दाम बढ़ा दिए हैं। विमानन उद्योग के जानकारों का कहना है कि यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में हवाई यात्रा और महंगी हो सकती है।
सरकार से टैक्स घटाने की मांग
स्पाइसजेट के संस्थापक अजय सिंह ने कहा है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो एयरलाइंस के पास टिकटों पर सरचार्ज लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। उन्होंने सरकार से अपील की है कि जेट फ्यूल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी और वैट में कटौती की जाए, ताकि एयरलाइंस पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव कुछ कम हो सके। उनके अनुसार यदि तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती हैं, तो यह विमानन उद्योग के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
पश्चिम एशिया रूट पर उड़ानों की संख्या बढ़ाई
दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में जारी संकट के बावजूद यात्रियों की मांग को देखते हुए एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इस क्षेत्र के लिए अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ा दी है। शनिवार को इन दोनों एयरलाइंस ने मिलकर कुल 80 निर्धारित और अतिरिक्त उड़ानें संचालित कीं।
इन उड़ानों के जरिए भारत के कई प्रमुख शहरों को पश्चिम एशिया के महत्वपूर्ण हवाई केंद्रों से जोड़ा जा रहा है, ताकि यात्रियों की आवाजाही प्रभावित न हो। एयरलाइंस का कहना है कि उनका लक्ष्य मौजूदा हालात के बावजूद यात्रियों को अधिक से अधिक यात्रा विकल्प उपलब्ध कराना है और अंतरराष्ट्रीय संपर्क बनाए रखना है।