तेज प्रताप का बाबा धीरेंद्र से वीडियो वायरल, सियासत में बढ़ी हलचल

Tue 28-Apr-2026,02:14 PM IST +05:30

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तेज प्रताप का बाबा धीरेंद्र से वीडियो वायरल, सियासत में बढ़ी हलचल Tej-Pratap-Yadav-Dhirendra-Shastri-Viral-Video
  • तेज प्रताप यादव का धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ वीडियो वायरल, जिसमें वे अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल करते नजर आ रहे हैं।

  • वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, फिर भी सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चाएं और प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।

  • इस घटना ने राजनीति और अध्यात्म के मेल पर बहस छेड़ी, समर्थक इसे आस्था तो विरोधी इसे राजनीतिक रणनीति बता रहे हैं।

Bihar / Patna :

Patna/ बिहार के चर्चित नेता तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह एक वायरल वीडियो है, जिसमें वे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से अपने भविष्य को लेकर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस तेज हो गई है और राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है।

वायरल वीडियो में तेज प्रताप यादव काफी सहज और भक्ति भाव में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के एक हिस्से में वे कथित तौर पर बाबा से कहते हैं कि “मेरा राजनीतिक भविष्य देख लीजिए।” यह बयान सामने आते ही लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया है। कुछ इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहले कई बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि वे राजनीति से दूर रहते हैं और किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करते। इसके बावजूद एक बड़े राजनीतिक चेहरे का उनके पास जाकर इस तरह की बात करना चर्चा का विषय बन गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं जनता के बीच अलग-अलग संदेश भेजती हैं। खासकर तब, जब पहले तेज प्रताप यादव और उनके समर्थकों ने बाबा के बिहार दौरे का विरोध किया था। ऐसे में इस मुलाकात को कई लोग “बदलते रुख” या “हृदय परिवर्तन” के रूप में भी देख रहे हैं।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। कुछ यूजर्स इसे ‘आस्था का मामला’ बता रहे हैं, तो कुछ इसे चुनावी रणनीति से जोड़ रहे हैं।

हालांकि, इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। इसके बावजूद यह मामला राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक दल और संबंधित नेता क्या प्रतिक्रिया देते हैं।