धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT किताब वितरण की समीक्षा, समय पर आपूर्ति पर जोर

Tue 28-Apr-2026,04:25 PM IST +05:30

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धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT किताब वितरण की समीक्षा, समय पर आपूर्ति पर जोर NCERT-Books-Supply-Review-Dharmendra-Pradhan
  • धर्मेंद्र प्रधान ने एनसीईआरटी पुस्तकों की उपलब्धता और वितरण की समीक्षा करते हुए समय पर सभी छात्रों तक किताबें पहुंचाने के लिए आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने के निर्देश दिए।

  • ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों पर विशेष फोकस, अधिकारियों को मुद्रण क्षमता बढ़ाने और वितरण प्रक्रिया की निगरानी तेज करने को कहा गया।

  • भौतिक किताबें मिलने तक ई-पाठशाला के जरिए डिजिटल पाठ्यपुस्तक उपलब्ध, ताकि छात्रों की पढ़ाई बिना बाधा जारी रह सके।

Delhi / Delhi :

Delhi/ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता, छपाई और वितरण की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार सहित शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मंत्री ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पाठ्यपुस्तकों के स्टॉक की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने वितरण एजेंसियों और राज्य अधिकारियों के साथ समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि छात्रों को किसी भी प्रकार की देरी का सामना नहीं करना चाहिए। खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में समय पर किताबें पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक मजबूत किया जाए। जहां आवश्यकता हो, वहां मुद्रण क्षमता बढ़ाने और वितरण प्रक्रिया पर बारीकी से निगरानी रखने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि किताबों के उत्पादन से लेकर अंतिम छोर तक पहुंचने तक हर चरण में पारदर्शिता और गति बनाए रखना जरूरी है।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक सभी छात्रों तक पाठ्यपुस्तकों की भौतिक प्रतियां नहीं पहुंच जातीं, तब तक पढ़ाई में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। इसके लिए डिजिटल माध्यम का उपयोग किया जा रहा है। ई-पाठशाला के जरिए छात्रों को ऑनलाइन पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे पढ़ाई जारी रख सकें।

बैठक में यह भी चर्चा की गई कि आगामी सत्रों के लिए पाठ्यपुस्तकों की तैयारी समय से पहले पूरी कर ली जाए, जिससे वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे राज्यों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें और जरूरत के अनुसार संसाधनों का समुचित उपयोग करें।

यह कदम शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समय पर पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता न केवल छात्रों की पढ़ाई को सुचारू बनाती है, बल्कि शिक्षा के स्तर को भी बेहतर बनाने में मदद करती है।