मुंबई फूड पॉइजनिंग केस: तरबूज खाने के बाद परिवार के 4 की मौत

Tue 28-Apr-2026,12:57 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

मुंबई फूड पॉइजनिंग केस: तरबूज खाने के बाद परिवार के 4 की मौत Mumbai-Food-Poisoning-Family-Death-Watermelon
  • मुंबई में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत, रात में खाना और तरबूज खाने के बाद सुबह बिगड़ी तबीयत।

  • मृतकों में दंपति और उनकी दो बेटियां शामिल, स्वास्थ्य विभाग ने भोजन और फल के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे।

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, जांच में यह स्पष्ट होगा कि मौत का कारण तरबूज, भोजन या कोई अन्य जहरीला तत्व था।

Maharashtra / Mumbai :

Mumbai/ मुंबई में फूड पॉइजनिंग के एक संदिग्ध मामले में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतकों की पहचान अब्दुल्ला डोकाडिया, उनकी पत्नी नसरीन डोकाडिया और उनकी दो बेटियां आयशा व जैनब के रूप में हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवार ने रात में अपने रिश्तेदारों के साथ भोजन किया था। इसके बाद देर रात उन्होंने तरबूज खाया। अगली सुबह सभी सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उन्हें उल्टी तथा अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर इसे फूड पॉइजनिंग का मामला माना जा रहा है, लेकिन अभी तक मौत के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है। अधिकारियों ने बताया कि भोजन और तरबूज के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी खाद्य पदार्थ में जहरीला तत्व तो नहीं था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। जांच एजेंसियां इस बात का भी पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं भोजन या फल के स्टोरेज या हैंडलिंग में कोई लापरवाही तो नहीं हुई।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और ताजगी का विशेष ध्यान रखें। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब या संक्रमित भोजन से इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।

यह घटना एक बार फिर खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।