त्रिपुरा यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का संबोधन

Sun 08-Mar-2026,08:46 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

त्रिपुरा यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का संबोधन Tripura University Convocation
  • उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने त्रिपुरा विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।

  • युवाओं से नशे से दूर रहने और तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील।

  • विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका पर जोर।

Tripura / Agartala :

Agartala / उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने अगरतला में आयोजित त्रिपुरा विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए युवाओं से उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने, नशे से दूर रहने और तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा ऐसे ऐतिहासिक दौर में खड़ा है जब भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रौद्योगिकी आज के समय में परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बन चुकी है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे तकनीक का उपयोग केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं बल्कि समाज और मानवता के कल्याण के लिए करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘‘उद्देश्यपूर्ण प्रगति’’ ही वह मार्ग है जो युवाओं को व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।

उपराष्ट्रपति ने त्रिपुरा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि दिन में उन्होंने प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का दौरा किया और वहां की आध्यात्मिक ऊर्जा और ऐतिहासिक महत्व को महसूस किया। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए भी जाना जाता है।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से चल रही विकास योजनाओं की भी प्रशंसा की। माता बारी पर्यटन सर्किट परियोजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही यह परियोजना त्रिपुरा को आध्यात्मिक और पर्यावरण पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने में मदद करेगी।

पूर्वोत्तर भारत में कनेक्टिविटी के महत्व पर बात करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं। रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से पूर्वोत्तर के राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि यह ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उपराष्ट्रपति ने छात्रों से देश की सेवा के लिए समर्पित रहने की अपील की। उन्होंने प्रसिद्ध तमिल कवि सुब्रमणिया भारतीयार का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का हर नागरिक राष्ट्र का संरक्षक है। उन्होंने कहा कि एकता और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

त्रिपुरा विश्वविद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्थान शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय में बढ़ते शोध प्रकाशनों, वित्त पोषित परियोजनाओं और बौद्धिक संपदा पहलों को इसकी शैक्षणिक उपलब्धियों का प्रमाण बताया।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय के संकाय विकास केंद्र भवन और आवासीय परिसर का डिजिटल उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में त्रिपुरा के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के मुख्य रेक्टर श्री इंद्रसेना रेड्डी नल्लू, मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार सिन्हा, कुलपति प्रोफेसर श्यामलाल दास सहित कई गणमान्य अतिथि, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।