कांशीराम जयंती: योगी, मायावती, अखिलेश समेत कई नेताओं ने बहुजन आंदोलन के नेता को किया नमन

Sun 15-Mar-2026,04:01 PM IST +05:30

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कांशीराम जयंती: योगी, मायावती, अखिलेश समेत कई नेताओं ने बहुजन आंदोलन के नेता को किया नमन Kanshi Ram Jayanti News
  • कांशीराम जयंती पर विभिन्न दलों के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि।

  • कांशीराम जयंती पर विभिन्न दलों के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि।

  • बहुजन आंदोलन और सामाजिक न्याय में उनके योगदान को किया याद।

Uttar Pradesh / Lucknow :

Lucknow / बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक और बहुजन आंदोलन के प्रमुख नेता कांशीराम की जयंती पर रविवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा प्रमुख मायावती, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें याद करते हुए सामाजिक न्याय और बहुजन समाज के लिए उनके योगदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कांशीराम को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि दलित, शोषित और वंचित समाज के उत्थान के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले सामाजिक न्याय के पुरोधा कांशीराम को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने कहा कि कांशीराम का संघर्षपूर्ण जीवन समाज को समानता, स्वाभिमान और अधिकारों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि कांशीराम वंचित और शोषित समाज की सशक्त आवाज थे। उन्होंने सामाजिक न्याय के लिए निरंतर संघर्ष किया और बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से संगठित करने का काम किया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

बसपा प्रमुख मायावती ने अपने गुरु और पार्टी के संस्थापक कांशीराम को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और आंदोलन को देशभर में आगे बढ़ाने का काम किया। मायावती ने कहा कि कांशीराम ने बहुजन समाज को संगठित कर उन्हें सत्ता तक पहुंचाने के मिशन के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। उन्होंने यह भी कहा कि बसपा ‘सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति’ के अपने आंदोलन को पूरी प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ाती रहेगी।

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने भी कांशीराम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी।” बहुजन नायक कांशीराम को नमन करते हुए कांग्रेस ने कहा कि दबे-कुचले समाज को शासक बनने का जो सपना उन्होंने दिखाया, उसे पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कांशीराम को सामाजिक परिवर्तन का महानायक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए कहा कि कांशीराम ने बहुजन समाज को जागरूक करने और उन्हें राजनीतिक अधिकार दिलाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कांशीराम ने सोई हुई कौम को जगाने का काम किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम का संघर्ष बहुजन समाज के आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक है।

हाल ही में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी कांशीराम के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा था कि महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम जैसे नेताओं ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।

कांशीराम का जन्म 15 मार्च 1934 को पंजाब के रूपनगर में हुआ था। उन्होंने बहुजन समाज को संगठित करने के उद्देश्य से 1971 में ‘बामसेफ’ (ऑल इंडिया बैकवर्ड्स एंड माइनॉरिटीज कम्युनिटीज एम्प्लॉईज फेडरेशन) की स्थापना की। इसके बाद 1984 में बहुजन समाज पार्टी का गठन कर उन्होंने भारतीय राजनीति में एक नए सामाजिक आंदोलन की शुरुआत की।

कांशीराम 1991 में उत्तर प्रदेश के इटावा और 1996 में पंजाब के होशियारपुर से लोकसभा सांसद चुने गए थे। इसके अलावा उन्होंने 1998 से 2004 तक राज्यसभा सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।

बहुजन समाज में राजनीतिक चेतना जगाने वाले इस बड़े नेता का निधन 9 अक्टूबर 2006 को दिल्ली में 71 वर्ष की आयु में हुआ। आज भी उनका संघर्ष और विचार सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में प्रेरणा का स्रोत माने जाते हैं।