अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने SHG महिलाओं के योगदान की सराहना की

Sun 08-Mar-2026,08:40 PM IST +05:30

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने SHG महिलाओं के योगदान की सराहना की CP Radhakrishnan Speech
  • उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने महिला स्वयं सहायता समूहों से की बातचीत।

  • ‘लखपति दीदी’ और ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी पहलों का किया उल्लेख।

  • महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास में SHG की अहम भूमिका।

Delhi / Delhi :

Delhi / अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने त्रिपुरा के हपानिया स्थित अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं मेला केन्द्र में आयोजित कार्यक्रम में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण और जमीनी स्तर के विकास में स्वयं सहायता समूहों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला समूहों की सदस्य मौजूद रहीं, जिन्होंने अपने अनुभव और उपलब्धियों को साझा किया।

सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में देश में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि अब देश केवल महिलाओं के विकास की बात नहीं कर रहा, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह बदलाव समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं। इन समूहों ने लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, नेतृत्व की भूमिका निभाने और अपने परिवार तथा समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का अवसर दिया है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि इन समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।

‘लखपति दीदी’ पहल का उल्लेख करते हुए श्री राधाकृष्णन ने बताया कि देश भर में लगभग 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं। इनमें से दो करोड़ से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने त्रिपुरा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने 1.35 लाख ‘लखपति दीदी’ तैयार करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य की गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उपराष्ट्रपति ने ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी नई पहलों का भी उल्लेख किया और कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और उज्ज्वला योजना जैसी सरकारी योजनाओं का भी जिक्र किया, जिनमें महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। इन योजनाओं से देश भर की लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, उद्यमिता और व्यवसाय के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। उपराष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कई ‘लखपति दीदी’ आगे बढ़कर ‘करोड़पति दीदी’ भी बनेंगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं मेला केन्द्र में लगाए गए स्वयं सहायता समूहों के स्टालों का भी अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न जिलों के महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए स्थानीय उत्पादों के बारे में जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर त्रिपुरा के राज्यपाल श्री इंद्रसेन रेड्डी नल्लू, मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, कई विधायक, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।