ओडिशा भूकंप के झटके छत्तीसगढ़ तक, मैनपुर-देवभोग में दहशत

Thu 30-Apr-2026,12:58 PM IST +05:30

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ओडिशा भूकंप के झटके छत्तीसगढ़ तक, मैनपुर-देवभोग में दहशत Odisha-Earthquake-Tremors-Chhattisgarh-Border-News
  • ओडिशा के कालाहांडी में 4.1 तीव्रता का भूकंप, झटके छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती मैनपुर और देवभोग क्षेत्रों तक महसूस किए गए।

  • शाम 7:42 बजे करीब तीन सेकंड तक धरती कांपी, लोग घबराकर घरों से बाहर निकले, बारिश और बिजली के बीच दहशत का माहौल बना।

  • प्रशासन के अनुसार अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं, कच्चे मकानों में हल्की दरारों की आशंका, स्थिति पर लगातार निगरानी जारी।

Chhattisgarh / Gariaband :

Chhattisgarh Border Areas News/ राष्ट्रीय स्तर पर भूकंप की निगरानी करने वाली संस्था राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र ओडिशा के कालाहांडी जिले में जमीन से लगभग 24 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शाम करीब 7:42 बजे अचानक धरती में कंपन महसूस हुआ, जो लगभग तीन सेकंड तक जारी रहा। इस दौरान कई लोगों ने तेज आवाज भी सुनी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

देवभोग, मैनपुर और अमलीपदर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में भूकंप का असर ज्यादा महसूस किया गया। कई जगहों पर घरों में रखी वस्तुएं हिलती नजर आईं, जिससे लोग डर के कारण तुरंत खुले स्थानों की ओर भागे।

घटना के समय मौसम भी खराब था। बारिश और बिजली कड़कने के बीच आए इस भूकंप ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया। प्राकृतिक घटनाओं के इस संयोजन ने ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल बना दिया।

हालांकि प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत की जानकारी दी है कि अभी तक किसी भी प्रकार की जनहानि या बड़े पैमाने पर संपत्ति नुकसान की सूचना नहीं मिली है। कुछ कच्चे मकानों में हल्की दरारों की आशंका जरूर जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए सर्वे किया जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।

सोशल मीडिया पर भी भूकंप को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जहां लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों का कहना है कि मध्यम तीव्रता के इस तरह के भूकंप आमतौर पर बड़े नुकसान का कारण नहीं बनते, लेकिन सतर्कता जरूरी है।