मुख्यमंत्री ने बताया कि ट्रॉमा केयर और उससे सटे आईसीयू में कुल 23 मरीज भर्ती थे, जिनमें से कई की हालत पहले से ही गंभीर थी। आग लगने के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, आग लगने से सात मरीजों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की दम घुटने या जलने की वजह से जान चली गई। इस तरह कुल 10 मरीजों की मौत की पुष्टि की गई है। मुख्यमंत्री ने आशंका जताई कि आग संभवतः शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी।
हादसा देर रात करीब ढाई बजे से तीन बजे के बीच हुआ। आग लगते ही अस्पताल प्रशासन ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और तेजी से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। इस दौरान अस्पताल के कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों और मरीजों के परिजनों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया। आईसीयू में भर्ती मरीजों को तत्काल बाहर निकालकर अस्पताल के अन्य वार्डों में शिफ्ट किया गया, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस गंभीर घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने अग्निशमन सेवा के महानिदेशक को निर्देश दिया कि वे स्वयं अस्पताल का दौरा कर आग से जुड़ी परिस्थितियों की जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि अस्पताल में अग्नि सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा भी की है। साथ ही उन्होंने घायलों और झुलसे कर्मचारियों के बेहतर इलाज के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने बताया कि 11 चिकित्सा अधिकारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों को बचाने की कोशिश की और फिलहाल उनका इलाज अस्पताल के एक वार्ड में चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार पहले से ही अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि 2025–26 के वार्षिक बजट में इस उद्देश्य के लिए 320 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि 2026–27 के बजट में इसे बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये करने की योजना है। सरकारी चिकित्सा संस्थानों में अग्निशमन उपकरण लगाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
इस हादसे पर विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भी गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही उन्होंने भी अस्पताल का दौरा करने की बात कही है। यह घटना एक बार फिर अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।