Ambani vs Musk: भारत में Starlink की एंट्री पर घमासान, Jio ने दिया बड़ा बयान!

Fri 16-Oct-2026,01:27 PM IST +05:30

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Ambani vs Musk: भारत में Starlink की एंट्री पर घमासान, Jio ने दिया बड़ा बयान! Ambani vs Musk: Starlink India Showdown
  • रिलायंस ने स्टारलिंक के साथ प्रतिस्पर्धा का स्वागत किया।

  • स्टारलिंक, जियो सैटेलाइट इंटरनेट और वनवेब जरूरी सुरक्षा मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।

  • भारत में सैटेलाइट इंटरनेट से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद है।

Maharashtra / Mumbai :

Mumbai / भारत के इंटरनेट बाजार में अब दो बड़े अरबपतियों के बीच मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। एक तरफ मुकेश अंबानी का जियो है, तो दूसरी तरफ एलन मस्क की स्टारलिंक। आखिर क्या भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की शुरुआत के रास्ते में कोई रुकावट है?

भारत के दूरसंचार और इंटरनेट बाजार में मुकेश अंबानी और एलन मस्क के बीच प्रतिस्पर्धा को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उसकी कंपनी प्रतिस्पर्धा से नहीं डरती। साथ ही, रिलायंस ने बताया कि उसकी अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं भी मंजूरी का इंतजार कर रही हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब एलन मस्क लगातार आरोप लगा रहे हैं कि भारत में स्टारलिंक की सेवाएं शुरू करने की प्रक्रिया में देरी हो रही है। मस्क ने भारतीय सरकार और मुकेश अंबानी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सवाल उठाए थे। हालांकि, भारत सरकार पहले ही कह चुकी है कि सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं की मंजूरी प्रक्रिया में किसी कंपनी के साथ पक्षपात नहीं किया जा रहा है।

रिलायंस ने अपने बयान में मस्क का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि कंपनी ने कभी प्रतिस्पर्धा से डरकर काम नहीं किया है। कंपनी ने यह बयान भारत के इंटरनेट बाजार और रिलायंस को लेकर की जा रही टिप्पणियों के जवाब में जारी किया।

अब इस पूरे मामले का कारोबारी पहलू भी बेहद अहम है। रिलायंस की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स भारत के सबसे बड़े संभावित आईपीओ की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी लगभग 108 अरब डॉलर के मूल्यांकन की दिशा में आगे बढ़ रही है। जियो के पास 53 करोड़ से अधिक दूरसंचार ग्राहक हैं, जो इसे देश के इंटरनेट बाजार का बड़ा खिलाड़ी बनाते हैं।

दूसरी ओर, स्टारलिंक की योजना सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराने की है। यह तकनीक उन ग्रामीण, दूरदराज और दुर्गम इलाकों में इंटरनेट पहुंचाने में मदद कर सकती है, जहां पारंपरिक नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल है।

भारत में स्टारलिंक, जियो की सैटेलाइट इंटरनेट इकाई और भारती समूह समर्थित यूटेलसैट वनवेब को सेवाएं संचालित करने के लिए लाइसेंस मिल चुका है। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, तीनों कंपनियां जरूरी सुरक्षा मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। इसलिए अभी सेवाओं की शुरुआत के लिए कुछ अहम प्रक्रियाएं पूरी होना बाकी है।

एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक को किफायती दरों पर उपलब्ध कराने की बात कही है। वहीं, जियो पहले से ही कम कीमत वाले डेटा प्लान के जरिए बड़ी संख्या में ग्राहकों तक पहुंच बना चुका है। ऐसे में सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में उतरने के बाद दोनों कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।

अब सवाल यह है कि भारत में स्टारलिंक की सेवाएं कब शुरू होंगी और क्या यह ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच को बदल पाएंगी? साथ ही, क्या जियो और स्टारलिंक के बीच मुकाबले से ग्राहकों को बेहतर सेवाएं और किफायती कीमतें मिलेंगी?

फिलहाल, सुरक्षा मंजूरी और सेवा शुरू होने की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

ऐसी ही बड़ी खबरों के लिए देखते रहिए AGCNN NEWS। नमस्कार!