Share Market News | मुहूर्त ट्रेडिंग में बाजार की पलटी बाजी, 25,000 के नीचे फिसला निफ्टी, बड़ी उम्मीद?

Sun 08-Nov-2026,04:01 PM IST +05:30

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Share Market News | मुहूर्त ट्रेडिंग में बाजार की पलटी बाजी, 25,000 के नीचे फिसला निफ्टी, बड़ी उम्मीद? Diwali Dhamaka: Market Reversal
  • मुहूर्त ट्रेडिंग में सेंसेक्स 29 अंक गिरकर 80,999 और निफ्टी 44 अंक टूटकर 24,986 पर बंद हुआ।

  • टाटा स्टील के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई।

  • विदेशी निवेशकों की वापसी और कंपनियों की कमाई में सुधार से संवत 2083 में बाजार को उम्मीदें हैं।

Maharashtra / Mumbai :

Mumbai / दिवाली के शुभ मौके पर शेयर बाजार में घंटी बजी, निवेशकों ने खरीदारी की और बाजार ने लगातार सातवें कारोबारी सत्र में बढ़त का सिलसिला भी जारी रखा। लेकिन कारोबार के अंत में तस्वीर बदल गई। निफ्टी 25 हजार के नीचे पहुंच गया और सेंसेक्स भी मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। आखिर नए संवत से बाजार को कितनी उम्मीदें हैं?

दिवाली के अवसर पर रविवार को आयोजित विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन में भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई। संवत 2083 के पहले कारोबारी सत्र में निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। बाजार में खरीदारी का रुझान मजबूत रहा और लगातार सातवें कारोबारी सत्र में तेजी का सिलसिला जारी रहा। हालांकि, दिन के अंत तक प्रमुख सूचकांक अपनी शुरुआती बढ़त बरकरार नहीं रख सके।

कारोबार के दौरान कुल 2,264 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 612 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। सेक्टरों की बात करें तो मेटल, फार्मास्यूटिकल और मीडिया शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली। वहीं, टाटा स्टील, सन फार्मा और हिंडाल्को निफ्टी के प्रमुख टॉप गेनर्स में शामिल रहे।

अब बात करते हैं बाजार के प्रमुख सूचकांकों की। NSE निफ्टी 50 कारोबार के दौरान 25,132 के उच्च स्तर तक पहुंचा, लेकिन अंत में 44 अंक की गिरावट के साथ 24,986 पर बंद हुआ। इस तरह निफ्टी एक बार फिर अहम 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया।

वहीं, BSE सेंसेक्स भी 29 अंक टूटकर 80,999 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 81,442 का ऊपरी और 80,932 का निचला स्तर छुआ। यानी मुहूर्त ट्रेडिंग में बाजार ने शुरुआत तो सकारात्मक की, लेकिन कारोबार के अंत में मामूली कमजोरी दिखाई दी।

इस विशेष सत्र में टाटा स्टील के शेयरों ने निवेशकों का ध्यान खींचा। कंपनी के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई और यह सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों के टॉप गेनर्स में शामिल रहा। इसके पीछे कंपनी के तिमाही नतीजों को भी एक अहम वजह माना जा रहा है। टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। कंपनी का मुनाफा बढ़कर करीब 3,700 करोड़ रुपये हो गया।

अब सवाल है कि संवत 2083 में शेयर बाजार की दिशा कैसी रह सकती है? इस पर BSE के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदररामन राममूर्ति ने सकारात्मक नजरिया जाहिर किया। उनका कहना है कि बाजार पर छाए नकारात्मक बादल धीरे-धीरे छंट रहे हैं। पिछले एक सप्ताह के सकारात्मक संकेतों के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI ने करीब 45 हजार करोड़ रुपये की वापसी की है। इसे भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों के भरोसे में सुधार का संकेत माना जा रहा है।

वहीं, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन और सह-संस्थापक रामदेव अग्रवाल ने भी नए संवत को लेकर उम्मीद जताई है। उनके मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में संभावित गिरावट, रुपये की स्थिरता, विदेशी निवेशकों की वापसी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर अत्यधिक उत्साह में कमी और कंपनियों की कमाई में व्यापक सुधार जैसे कारक बाजार को समर्थन दे सकते हैं। इन परिस्थितियों में शेयरों की वैल्यूएशन बढ़ने की भी संभावना है।

रामदेव अग्रवाल का कहना है कि पिछले दो वर्षों में शेयर बाजार में बहुत ज्यादा तेजी देखने को नहीं मिली है, लेकिन अगले साल दिवाली तक निवेशकों को शानदार रिटर्न मिल सकता है। इसकी वजह शेयरों का आकर्षक मूल्यांकन और कंपनियों की कमाई में संभावित तेज बढ़ोतरी का मेल हो सकता है।

कुल मिलाकर, संवत 2083 की शुरुआत में बाजार ने मिश्रित संकेत दिए हैं। एक ओर खरीदारी और विदेशी निवेशकों की वापसी से उम्मीदें बढ़ी हैं, तो दूसरी ओर निफ्टी और सेंसेक्स की मामूली गिरावट सावधानी बरतने का संकेत देती है। निवेशकों के लिए बाजार की वास्तविक दिशा आने वाले कारोबारी सत्रों और कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन से स्पष्ट होगी।