शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1400 अंक टूटा, निफ्टी धड़ाम, मिडिल ईस्ट तनाव से मचा बवाल
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सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट, निवेशकों को भारी नुकसान.
मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बनी वजह.
रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा.
Mumbai / सोमवार सुबह भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत ने निवेशकों को झकझोर कर रख दिया। जैसे ही बाजार खुला, सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली और कुछ ही मिनटों में पूरे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। BSE सेंसेक्स करीब 1,474 अंक टूटकर 73,000 के आसपास पहुंच गया, वहीं निफ्टी 50 भी 400 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ 22,680 के स्तर पर आ गया। निवेशकों के अरबों रुपये पलक झपकते ही साफ हो गए और हर तरफ लाल निशान ही नजर आने लगे।
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है, जिसने पूरी दुनिया के बाजारों को हिला कर रख दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती टकराव की स्थिति और “स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज” को लेकर दी गई चेतावनी ने ग्लोबल सप्लाई चेन को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जहां WTI क्रूड $100 के करीब और ब्रेंट क्रूड $112 के पार पहुंच गया है। तेल की कीमतों में इस तेजी ने निवेशकों के डर को और बढ़ा दिया है।
भारतीय बाजार में इस डर का असर साफ दिखाई दिया। बाजार खुलते ही Hindalco, Tata Steel, SBI, M&M और HDFC Bank जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली शुरू हो गई। इन कंपनियों के शेयर गिरने से सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव और ज्यादा बढ़ गया। लगभग सभी सेक्टर—ऑटो, बैंकिंग, मेटल, मीडिया और PSU बैंक—2% तक गिर गए। इतना ही नहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह साफ हो गया कि बिकवाली सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही।
हालांकि इस गिरावट के बीच कुछ शेयरों ने थोड़ा सहारा दिया। Max Healthcare और ONGC जैसे शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली, लेकिन यह बाजार के बड़े नुकसान को रोकने के लिए काफी नहीं था।
इस पूरे घटनाक्रम का असर भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा। रुपया डॉलर के मुकाबले टूटकर 93.94 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले भी रुपया लगातार दबाव में था, लेकिन आज की गिरावट ने इसे ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचा दिया।
केवल भारत ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का KOSPI 4.57% और जापान का Nikkei 4% से ज्यादा गिर गया। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने भी चेतावनी दी है कि दुनिया एक बड़े ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक रह सकता है।
कुल मिलाकर, मौजूदा हालात ने बाजार में डर और अनिश्चितता का माहौल बना दिया है। आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, यह काफी हद तक मिडिल ईस्ट के हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगा। फिलहाल निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है।