राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना कार्यशाला 2026: कार्यान्वयन, पारदर्शिता और छात्रों के लाभ
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
National-Scholarship-Scheme-Workshop-2026
राष्ट्रीय साधनहीनता-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना कार्यशाला में राज्यों के अधिकारियों ने 9वीं से 12वीं कक्षा तक छात्रों के लाभ वितरण पर चर्चा की।
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के माध्यम से समय पर भुगतान, आधार सीडिंग और डिजिटल ट्रैकिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
New Delhi/ शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना को लागू करने वाले सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के लिए राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की। सचिव संजय कुमार ने कार्यशाला में योजना के प्रभावी कार्यान्वयन और विद्यार्थियों को समय पर लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सत्र में आर्थिक सलाहकार सुश्री ए. श्रीजा ने नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से छात्रवृत्ति के समय पर भुगतान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उप महानिदेशक (सांख्यिकी) डॉ. पंकज केपी श्रेयस्कर ने शैक्षिक प्रबंधन सूचना प्रणाली के डिजिटल-प्रथम प्लेटफॉर्म के महत्व को रेखांकित किया।
राष्ट्रीय साधनहीनता-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना के तहत, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों को आठवीं कक्षा में शिक्षा छोड़ने से रोकने और माध्यमिक स्तर पर शिक्षा जारी रखने के लिए वार्षिक 12,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। पात्रता के लिए माता-पिता की वार्षिक आय 3.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए, साथ ही छात्र को सातवीं कक्षा में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक प्राप्त होने आवश्यक हैं। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के छात्रों को 5 प्रतिशत की छूट दी गई है।
कार्यशाला में गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के सर्वोत्तम कार्यान्वयन मामलों का अध्ययन प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा, वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के माध्यम से छात्रों के बैंक खातों में आधार सीडिंग की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई।
राज्य स्तरीय नोडल अधिकारियों ने जमीनी स्तर की चुनौतियों, छात्रवृत्ति की समय पर वितरण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संवादात्मक सत्र में व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए। यह पहल छात्रों-केंद्रित, पारदर्शी और समयबद्ध कार्यान्वयन की दिशा में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।