India - South Korea Relations | भारत-दक्षिण कोरिया की समुद्री सुरक्षा साझेदारी मजबूत
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India - South Korea Relations
भारत और दक्षिण कोरिया के तटरक्षक बलों की 14वीं उच्चस्तरीय बैठक इंचियोन में हुई।
समुद्री खोज एवं बचाव, प्रदूषण नियंत्रण और कानून प्रवर्तन में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
दोनों देशों ने संयुक्त प्रशिक्षण और वास्तविक समय में सूचना साझा करने की व्यवस्था मजबूत करने पर सहमति जताई।
New Delhi / समुद्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच भारत और दक्षिण कोरिया ने अपनी सुरक्षा साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। आखिर दोनों देशों के तटरक्षक बलों के बीच हुई इस अहम बैठक में किन मुद्दों पर सहमति बनी और इसका समुद्री सुरक्षा पर क्या असर होगा?
भारत और दक्षिण कोरिया ने समुद्री सुरक्षा, आपदा के समय बचाव अभियान और समुद्री पर्यावरण की रक्षा के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। दोनों देशों के तटरक्षक बलों के बीच 14वीं उच्चस्तरीय बैठक 14 अक्टूबर 2026 को दक्षिण कोरिया के इंचियोन में आयोजित हुई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के बीच रणनीतिक समन्वय को मजबूत करना और मौजूदा सहयोग को नए स्तर तक ले जाना था। बैठक के दौरान भारतीय तटरक्षक बल यानी आईसीजी और कोरिया तटरक्षक बल यानी केसीजी के अधिकारियों ने मौजूदा परिचालन व्यवस्था की समीक्षा की। साथ ही, भविष्य में सहयोग बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक रोडमैप पर भी चर्चा की गई।
बैठक में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई। इनमें समुद्री खोज एवं बचाव अभियान, समुद्री प्रदूषण से निपटना, समुद्री कानूनों को लागू करना, क्षमता निर्माण और परिचालन समन्वय शामिल हैं।
समुद्र में दुर्घटना होने या किसी जहाज के संकट में फंसने की स्थिति में समय पर सहायता पहुंचाना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच बेहतर तालमेल और सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान खोज एवं बचाव अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकता है।
इसके अलावा, समुद्र में तेल रिसाव और अन्य प्रदूषण संबंधी घटनाएं समुद्री जीवों तथा पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए दोनों तटरक्षक बलों ने सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया। समुद्री कानूनों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना भी इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने मौजूदा समझौता ज्ञापन यानी एमओयू के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान, संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास, एक-दूसरे के जहाजों के दौरे और वास्तविक समय में सूचनाएं साझा करने की व्यवस्था को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
इन प्रयासों से दोनों देशों के कर्मियों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली समझने, तकनीकी अनुभव साझा करने और आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर समन्वय स्थापित करने का अवसर मिल सकता है।
इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इंस्पेक्टर जनरल टी. शशि कुमार ने किया। वे 13 से 16 अक्टूबर 2026 तक कोरिया गणराज्य की आधिकारिक यात्रा पर गए भारतीय तटरक्षक बल के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। वहीं, कोरिया तटरक्षक बल के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सीनियर सुपरिंटेंडेंट जनरल इम म्योंग गिल ने किया।
दोनों देशों ने सुरक्षित समुद्री वातावरण सुनिश्चित करने और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में योगदान देने की साझा प्रतिबद्धता भी दोहराई।
कुल मिलाकर, भारत और दक्षिण कोरिया के तटरक्षक बलों के बीच यह बैठक समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में संयुक्त प्रशिक्षण, बेहतर सूचना साझाकरण और परिचालन समन्वय दोनों देशों को समुद्री चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकते हैं।