HQ IDS के 25 साल पूरे, ‘त्रिशक्ति मंथन’ में भविष्य की रक्षा तैयारियों पर मंथन
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
HQ IDS
HQ IDS ने स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती मनाई।
‘त्रिशक्ति मंथन’ में संयुक्तता और एकीकरण के जरिए भविष्य की तैयारियों पर चर्चा हुई।
साइबर, अंतरिक्ष और AI जैसे उभरते क्षेत्रों में रक्षा क्षमताओं पर जोर दिया गया।
New Delhi / एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय यानी HQ IDS ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती मनाई। इस अवसर को ‘त्रि-सैन्य दिवस’ के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता, एकीकरण और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयारी को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
रजत जयंती समारोह के तहत “संयुक्तता और एकीकरण के माध्यम से भविष्य की तैयारी” विषय पर ‘त्रिशक्ति मंथन’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सैन्य कार्य विभाग के सचिव जनरल एन. एस. राजा सुब्रमण्यम तथा चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
‘त्रिशक्ति मंथन’ के दौरान संयुक्त परिचालन सिद्धांतों, संयुक्त प्रशिक्षण ढांचे, एकीकृत सैन्य अभ्यास और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत यानी HADR तंत्रों के बेहतर समन्वय पर चर्चा हुई। इस दौरान परिचालन तैयारियों को मजबूत करने में मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ के योगदान को भी रेखांकित किया गया।
रजत जयंती के मौके पर HQ IDS की पिछले 25 वर्षों की विकास यात्रा और उपलब्धियों को दर्शाने वाली ‘रजत जयंती पुस्तक’ जारी की गई। इसके साथ ही स्थापना के बाद से मुख्यालय की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली एक फिल्म भी जारी की गई।
संयुक्तता और एकीकरण को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कर्मियों को ‘सीडीएस यूनिट प्रशस्ति’ से सम्मानित किया गया। वहीं, देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए राष्ट्रीय युद्ध स्मारक एवं संग्रहालय में पुष्पांजलि समारोह भी आयोजित किया गया।
HQ IDS ने पिछले वर्षों में रक्षा क्षेत्र के उभरते आयामों पर भी अपनी भूमिका को विस्तार दिया है। साइबर, अंतरिक्ष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों के लिए रक्षा बलों को तैयार करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साथ ही, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के अनुरूप स्वदेशी क्षमताओं के विकास को गति देने के लिए अनुसंधान संगठनों, शिक्षा जगत और उद्योग के साथ सहयोग को बढ़ावा दिया गया है।
मुख्यालय ने ‘रण संवाद’, ‘संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन’ और ‘संयुक्त परिचालन समीक्षा एवं मूल्यांकन’ यानी COR जैसे मंचों के माध्यम से संस्थागत समन्वय को मजबूत किया है। इन पहलों से मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों पर व्यवस्थित चर्चा और थल, समुद्र, वायु, अंतरिक्ष, साइबर तथा संज्ञानात्मक क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाने की क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
पिछले ढाई दशकों में एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता, एकीकरण और समन्वय को बढ़ावा देने वाली प्रमुख संस्था के रूप में विकसित हुआ है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा लक्ष्यों के अनुरूप सैन्य क्षमताओं को मजबूत करना और युद्ध क्षमता का संयुक्त रूप से प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।