रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एशियाई खेलों के पदक विजेता सैन्य खिलाड़ियों को किया सम्मानित

Mon 12-Oct-2026,09:17 PM IST +05:30

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एशियाई खेलों के पदक विजेता सैन्य खिलाड़ियों को किया सम्मानित Indian Army Athletes
  • राजनाथ सिंह ने एशियाई खेलों के पदक विजेता सैन्य खिलाड़ियों को सम्मानित किया।

  • रक्षा बलों के खिलाड़ियों ने 6 स्वर्ण, 11 रजत और 10 कांस्य सहित 27 पदक जीते।

  • रक्षा मंत्री ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए बेहतर तैयारी पर जोर दिया।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / अनुशासन, संघर्ष और देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा! जब मैदान में उतरे भारतीय सेना के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई, तो पदकों की झड़ी लग गई। अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इन खिलाड़ियों को सम्मानित कर भविष्य की बड़ी उम्मीदें जगाई हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में जापान में हाल ही में संपन्न एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले रक्षा बलों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इन खिलाड़ियों ने कुल 27 पदक जीतकर देश और भारतीय रक्षा बलों का गौरव बढ़ाया। इनमें 6 स्वर्ण, 11 रजत और 10 कांस्य पदक शामिल हैं। कार्यक्रम में उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी भी मौजूद रहे।

इस अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में तीनों सेनाओं के कुल 92 खिलाड़ियों ने 19 स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। उनके प्रदर्शन ने भारत को पदक तालिका में चौथा स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारतीय दल ने कुल 85 पदक हासिल किए, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं।

खिलाड़ियों से बातचीत करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनकी सफलता का श्रेय अनुशासन, कड़ी मेहनत, टीम भावना और खेल के प्रति समर्पण को दिया। उन्होंने कहा कि पदक जीतने के पीछे केवल प्रतियोगिता का प्रदर्शन नहीं, बल्कि लंबे समय तक किया गया कठिन अभ्यास, सुबह-सुबह का प्रशिक्षण, जिम में मेहनत, चोटों से उबरना और लगातार प्रयास करना शामिल होता है।

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि सैन्य खिलाड़ियों के सामने एक बड़ी चुनौती अपनी सैन्य जिम्मेदारियों और खेल की तैयारियों के बीच संतुलन बनाए रखना है। उन्हें यूनिट के कर्तव्यों का निर्वहन करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए अभ्यास करना पड़ता है। परिवार से दूर रहकर लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना भी उनके संघर्ष का हिस्सा है।

प्रतियोगिता में भाग लेने के बावजूद पदक हासिल नहीं कर पाने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि असली हार तब होती है, जब कोई हार मान लेता है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रत्येक खिलाड़ी ने अपने प्रयासों से देश और रक्षा बलों का सम्मान बढ़ाया है। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।

रक्षा मंत्री ने खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचानने और उन्हें निखारने में मिशन ओलंपिक विंग की भूमिका की सराहना की। उन्होंने वैज्ञानिक प्रशिक्षण, विश्व स्तरीय खेल सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी पर जोर दिया। साथ ही प्रशिक्षकों, सहायक कर्मचारियों, फिजियोथेरेपिस्टों, पोषण विशेषज्ञों और खिलाड़ियों के परिवारों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार खेल बुनियादी ढांचे, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रही है। उद्देश्य केवल खेलों में भागीदारी बढ़ाना नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक खेल जगत की अग्रणी शक्तियों में शामिल करना है।

इन खेलों में कई सैन्य खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। नायब सूबेदार नीरू ढांडा ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। वह एशियाई खेलों में महिला ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने दो रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किए। वहीं, हवलदार सावन बरवाल ने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड समय के साथ पुरुष मैराथन में रजत पदक जीता और भारत का 44 साल का इंतजार समाप्त किया। नायब सूबेदार सर्वेश कुशारे ने भी पुरुषों की ऊंची कूद में 56 साल के अंतराल के बाद ऐतिहासिक पदक हासिल किया।

कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रक्षा मंत्री ने प्रशिक्षकों और सहायक कर्मचारियों से 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए खिलाड़ियों को पूरी प्रतिबद्धता और पेशेवर तरीके से तैयार करने का आह्वान किया।