पारादीप के पास बड़ा हादसा टला, तटरक्षक बल ने संकटग्रस्त टैंकर को बचाया
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Indian Coast Guard
पारादीप के पास एमटी सीगल-9 गंभीर संकट में फंसा, जहाज एक तरफ झुक गया।
भारतीय तटरक्षक बल ने पंप और तकनीकी टीम से जहाज को स्थिर किया।
हवाई निगरानी में पाम ऑयल की परत पूरी तरह समाप्त मिली।
New Delhi / ओडिशा के पारादीप तट के पास समुद्र में उस वक्त बड़ा हादसा टल गया, जब बेलीज के झंडे वाला रासायनिक टैंकर एमटी सीगल-9 अचानक गंभीर संकट में फंस गया। जहाज पर करीब 9 हजार मीट्रिक टन पाम ऑयल और 23 चालक दल के सदस्य सवार थे। मुख्य इंजन में खराबी और बैलास्ट टैंक में तेजी से पानी भरने के कारण जहाज एक तरफ खतरनाक तरीके से झुक गया था। हालात बिगड़ते देख भारतीय तटरक्षक बल ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया।
जानकारी के मुताबिक, 27 सितंबर 2026 की सुबह करीब साढ़े 7 बजे भारतीय तटरक्षक बल को जहाज से संकटपूर्ण संदेश मिला। एमटी सीगल-9 पारादीप से लगभग 37 समुद्री मील पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में था। जहाज के मुख्य इंजन में आई खराबी के साथ बैलास्ट टैंक में पानी भरने से उसका संतुलन बिगड़ गया था। ऐसी स्थिति में जहाज के पलटने और समुद्र में संभावित प्रदूषण का खतरा पैदा हो गया था।
संकट की सूचना मिलते ही आईसीजीएस विश्वस्त को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। भारतीय तटरक्षक बल की विशेष क्षति नियंत्रण टीम ने अस्थिर जहाज पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का काम शुरू किया। टीम ने जहाज से पानी निकालने के लिए सबमर्सिबल पंप लगाए। इसके साथ ही रिसाव को रोकने के प्रयास किए गए। दो क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों को बंद किया गया, जबकि तीसरी टूटी पाइपलाइन की मरम्मत की गई। इन तकनीकी और त्वरित उपायों के बाद जहाज के पलटने का खतरा काफी हद तक टालने में सफलता मिली।
बचाव अभियान को मजबूत बनाने के लिए भारतीय तटरक्षक बल ने एक प्रदूषण नियंत्रण पोत (पीसीवी) और एक अतिरिक्त अपतटीय गश्ती पोत (ओपीवी) भी क्षेत्र में तैनात किया। इसके अलावा समुद्र की स्थिति और जहाज की निगरानी के लिए भुवनेश्वर से भारतीय तटरक्षक बल का डोर्नियर विमान रवाना किया गया।
27 सितंबर को जहाज के आसपास समुद्र की सतह पर पाम ऑयल की हल्की परत दिखाई दी थी। इसके बाद प्रदूषण की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। 28 सितंबर को की गई हवाई निगरानी में पुष्टि हुई कि समुद्र की सतह पर दिखाई देने वाली पाम ऑयल की परत पूरी तरह समाप्त हो चुकी थी। समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कड़े उपाय भी लागू किए गए।
जहाज को स्थिर करने के बाद पारादीप पोर्ट अथॉरिटी के टग जहाज डॉल्फिन ने एमटी सीगल-9 को खींचकर पारादीप के पास स्थित एंकर क्षेत्र तक पहुंचाया। हालांकि अभियान पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आईसीजीएस विश्वस्त और अन्य तैनात विशेष संसाधन अब भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। भारतीय तटरक्षक बल लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और जरूरत के अनुसार परिचालन सहायता उपलब्ध करा रहा है।
इस पूरे अभियान में समय पर मिली सूचना, त्वरित प्रतिक्रिया, तकनीकी क्षति नियंत्रण और प्रदूषण निगरानी के जरिए एक संभावित समुद्री दुर्घटना को टालने में सफलता मिली।