एनसीसी में बड़ा विस्तार! 17 लाख से बढ़कर 20 लाख होंगे कैडेट, पूर्वोत्तर पर विशेष फोकस
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NCC Expansion
एनसीसी की क्षमता लगभग 17 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कैडेट करने का लक्ष्य।
पूर्वोत्तर, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में प्रशिक्षण सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर।
युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने पर चर्चा।
Guwahati / देश के युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा से जोड़ने के लिए एनसीसी में बड़े बदलाव की तैयारी है। सरकार अब कैडेटों की संख्या बढ़ाकर 20 लाख करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। आखिर इस योजना से पूर्वोत्तर के युवाओं को क्या लाभ मिलेगा?
राष्ट्रीय कैडेट कोर यानी एनसीसी के विस्तार और युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने 15 अक्टूबर 2026 को असम के गुवाहाटी में आयोजित ‘राज्य प्रतिनिधियों और अपर महानिदेशकों के विशेष संयुक्त सम्मेलन 2026’ में हिस्सा लिया।
राष्ट्रीय कैडेट कोर द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में पूर्वोत्तर क्षेत्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में एनसीसी की पहुंच बढ़ाने, संगठन को मजबूत बनाने और उसकी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा राज्य मंत्री ने गणतंत्र दिवस शिविर में पूर्वोत्तर राज्यों के कैडेटों की भागीदारी और महिला कैडेटों की बढ़ती संख्या की सराहना की। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एनसीसी के योगदान का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
संजय सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन पर जोर दिया, जिसके तहत एनसीसी की वर्तमान क्षमता लगभग 17 लाख कैडेटों से बढ़ाकर 20 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना विकसित करना और उन्हें देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना बेहद जरूरी है।
रक्षा राज्य मंत्री ने सम्मेलन में शामिल सभी नौ राज्यों से एनसीसी के विस्तार के लिए व्यावहारिक और प्रभावी योजनाएं तैयार करने तथा उन्हें लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से प्रशिक्षण सुविधाओं, बुनियादी ढांचे और कैडेटों के लिए उपलब्ध संसाधनों को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि एनसीसी युवाओं को आत्मविश्वासी, अनुशासित और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संगठन की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रशिक्षण, संस्थागत सहयोग और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
सम्मेलन में कैडेटों के कल्याण, प्रशिक्षण संबंधी बुनियादी ढांचे, प्रशासनिक चुनौतियों और राज्य सरकारों के साथ समन्वय जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही सामाजिक सेवा, सामुदायिक विकास, राष्ट्रीय एकता और युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने में एनसीसी की भूमिका को रेखांकित किया गया।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में एनसीसी की गतिविधियां अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा सहित सात राज्यों में संचालित होती हैं। यहां नौ समूह मुख्यालयों और 50 यूनिटों के माध्यम से 1,645 शिक्षण संस्थानों में गतिविधियां चलती हैं, जिनसे लगभग 1.25 लाख कैडेट जुड़े हैं।
वहीं, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में छह समूह मुख्यालयों और 56 यूनिटों के जरिए एनसीसी काम करता है। इन दोनों राज्यों के 1,326 शिक्षण संस्थानों में लगभग 1.25 लाख कैडेट संगठन से जुड़े हुए हैं।
एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में अपर सचिव दीप्ति मोहिल चावला समेत नौ राज्यों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
अब सबसे अहम सवाल यह है कि एनसीसी की क्षमता बढ़ाकर 20 लाख करने का लक्ष्य कितनी तेजी से पूरा होता है। यदि प्रशिक्षण सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाता है, तो अधिक युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।