ग्रामीण विकास मंत्रालय-हेल्पएज MoU, बुजुर्गों की देखभाल को बढ़ावा

Thu 30-Apr-2026,04:59 PM IST +05:30

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ग्रामीण विकास मंत्रालय-हेल्पएज MoU, बुजुर्गों की देखभाल को बढ़ावा Rural-Ministry-Helpage-India-MOU-Elderly-Care
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय और हेल्पएज इंडिया के बीच MoU, DAY-NRLM के तहत वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और कल्याण को मिलेगा नया आधार।

  • पांच राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट, स्वयं सहायता समूहों के जरिए स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा सेवाओं तक बुजुर्गों की पहुंच बढ़ेगी।

  • “विकसित भारत 2047” लक्ष्य के तहत बुजुर्गों को सक्रिय भागीदारी और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल।

Delhi / Delhi :

Delhi/ ग्रामीण विकास मंत्रालय और हेल्पएज इंडिया के बीच हुए इस समझौते का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और उनके समग्र कल्याण को सुनिश्चित करना है। यह पहल दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (FNHW) फ्रेमवर्क के अंतर्गत लागू की जाएगी।

इस MoU पर मंत्रालय के अपर सचिव टी. के. अनिल कुमार और हेल्पएज इंडिया के सीईओ रोहित प्रसाद ने हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और तमिलनाडु के प्रतिनिधियों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

टी. के. अनिल कुमार ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए समुदाय आधारित और समन्वित दृष्टिकोण आवश्यक है। उन्होंने NITI Aayog द्वारा सुझाए गए सामुदायिक देखभाल मॉडल को अपनाने पर जोर दिया, जिससे बुजुर्गों को सुलभ और सम्मानजनक जीवन मिल सके।

संयुक्त सचिव स्वाती शर्मा ने बताया कि यह पहल “लखपति दीदी” अभियान को भी मजबूती देगी, क्योंकि स्वस्थ और सक्षम महिलाएं ही आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

हेल्पएज इंडिया के सीईओ रोहित प्रसाद ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों को स्वास्थ्य, पोषण, गतिशीलता और सामाजिक अलगाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। DAY-NRLM के स्वयं सहायता समूहों का नेटवर्क इन समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों और सामुदायिक संस्थाओं के जरिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामुदायिक आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। शुरुआती चरण में पांच राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा, जिसके आधार पर एक बड़े स्तर का मॉडल तैयार किया जाएगा।

यह पहल न केवल बुजुर्गों की देखभाल सुनिश्चित करेगी, बल्कि उन्हें समाज में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेगी। इससे उनकी स्वास्थ्य सेवाओं, पेंशन और अन्य अधिकारों तक पहुंच भी बेहतर होगी।

यह कदम “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे हर वरिष्ठ नागरिक को गरिमा और सुरक्षा के साथ जीवन जीने का अवसर मिल सके।