Kuno National Park | प्रोजेक्ट चीता के लिए नई उम्मीद, कूनो में जन्मे पांच शावक

Mon 05-Oct-2026,06:51 PM IST +05:30

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Kuno National Park | प्रोजेक्ट चीता के लिए नई उम्मीद, कूनो में जन्मे पांच शावक Kuno National Park
  • KJP21 ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया।

  • भारत में चीतों की कुल आबादी बढ़कर 60 हुई।

  • पांच शावकों से भारत में बोत्सवाना वंश की शुरुआत हुई।

Madhya Pradesh / Bhopal :

भारत में चीता पुनर्वास की मुहिम प्रोजेक्ट चीता के लिए एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 32 महीने की भारतीय मूल की मादा चीता केजेपी21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस नए जन्म के साथ भारत में चीतों की कुल आबादी बढ़कर 60 हो गई है। इनमें 41 भारतीय मूल के चीते शामिल हैं।

इस उपलब्धि की जानकारी केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की। उन्होंने इस घटनाक्रम को भारत में चीता संरक्षण की अगली पीढ़ी के उद्भव की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

केजेपी21 की खास बात यह है कि वह भारत में जन्मी उन मादा चीताओं की सूची में शामिल हो गई है, जिन्होंने आगे भारत की धरती पर चीतों की नई पीढ़ी को जन्म दिया है। भूपेंद्र यादव के अनुसार, मुखी और केजीपी12 के बाद केजेपी21 भारत में जन्मी तीसरी मादा चीता है जिसने यहां शावकों को जन्म दिया है।

इस जन्म को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इन पांच शावकों के पिता बोत्सवाना मूल के नर चीता हैं। यानी इन शावकों के जन्म के साथ भारत में बोत्सवाना वंश की शुरुआत हुई है। इससे देश में बढ़ रही चीता आबादी में एक नई आनुवंशिक वंशावली जुड़ने की संभावना बनी है।

प्रोजेक्ट चीता के लिए यह सिर्फ संख्या बढ़ने की खबर नहीं है, बल्कि भारत में चीता पुनर्वास की प्रक्रिया के आगे बढ़ने का संकेत भी है। भारतीय धरती पर पैदा हो रही चीतों की नई पीढ़ियां इस संरक्षण कार्यक्रम को एक अलग स्तर पर ले जा रही हैं। कूनो में जन्मे ये पांच शावक इसी क्रम में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए पशु चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ, प्रबंधकों और प्रोजेक्ट चीता से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन लोगों के समर्पण, प्रतिबद्धता और लगातार किए गए प्रयासों ने इस महत्वपूर्ण विकास को संभव बनाया है।

भारत में चीता पुनर्वास कार्यक्रम की कहानी लगातार नए पड़ाव पार कर रही है। कभी देश से विलुप्त हो चुका यह वन्यजीव अब भारतीय धरती पर न केवल फिर से मौजूद है, बल्कि यहां जन्मी मादा चीताएं भी शावकों को जन्म दे रही हैं। यह घटनाक्रम संरक्षण प्रयासों के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में सामने आया है।

कूनो राष्ट्रीय उद्यान में केजेपी21 द्वारा पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया जाना इसी बढ़ती कहानी का नया अध्याय है। 60 चीतों की कुल आबादी और 41 भारतीय मूल के चीतों के साथ प्रोजेक्ट चीता अब उस चरण में पहुंच रहा है, जहां भारत में जन्मी नई पीढ़ियां इस संरक्षण प्रयास का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही हैं।