जनऔषधि सप्ताह 2026: देशभर में लगे मुफ्त स्वास्थ्य शिविर, सस्ती जेनेरिक दवाओं के प्रति बढ़ाई जागरूकता

Wed 04-Mar-2026,10:05 PM IST +05:30

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जनऔषधि सप्ताह 2026: देशभर में लगे मुफ्त स्वास्थ्य शिविर, सस्ती जेनेरिक दवाओं के प्रति बढ़ाई जागरूकता Janaushadhi Week 2026
  • जनऔषधि सप्ताह के तहत देशभर में मुफ्त स्वास्थ्य शिविर.

  • नागरिकों को निःशुल्क जांच और जेनेरिक दवाओं की जानकारी.

  • 2027 तक 25,000 जनऔषधि केंद्र खोलने का लक्ष्य.

Delhi / Delhi :

Delhi / जनऔषधि सप्ताह 2026 के चौथे दिन देशभर के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन किया गया। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के अंतर्गत कार्यरत फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (PMBI) द्वारा इन शिविरों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 7 मार्च को मनाए जाने वाले 8वें जनऔषधि दिवस से पहले चल रहे राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान का हिस्सा है, जो 1 से 5 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

होली के उत्सवी माहौल के बीच भी नागरिकों ने इन स्वास्थ्य शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। लोगों ने मुफ्त चिकित्सा जांच और परामर्श सेवाओं का लाभ उठाया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं के बारे में जागरूक करना और स्वास्थ्य सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाना है।

मुफ्त जांच और चिकित्सा परामर्श की सुविधा
इन स्वास्थ्य शिविरों में नागरिकों को कई प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। शिविरों में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा चिकित्सा परामर्श दिया गया और कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांच भी की गईं।

इनमें मुख्य रूप से रक्तचाप (ब्लड प्रेशर), रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) और थायरॉइड परीक्षण जैसी ऑन-साइट डायग्नोस्टिक सेवाएं शामिल थीं। इसके अलावा बच्चों के लिए बाल चिकित्सा सेवाएं और दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए विशेष परामर्श भी उपलब्ध कराया गया।

शिविरों में आने वाले लोगों को जनऔषधि दवाओं और सुविधा सैनिटरी पैड का भी वितरण किया गया। साथ ही विशेषज्ञों द्वारा जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिनमें लोगों को जेनेरिक दवाओं के लाभ और उनकी किफायती कीमतों के बारे में जानकारी दी गई।

देशभर में करीब 250 स्थानों पर आयोजन
जनऔषधि सप्ताह के दौरान देशभर में लगभग 250 स्थानों पर मुफ्त स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों को मुफ्त परामर्श के साथ-साथ दवाओं का वितरण और बुनियादी स्वास्थ्य जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

चौथे दिन जिन प्रमुख स्थानों पर शिविर आयोजित किए गए, उनमें डोड्डाबल्लापुर (बेंगलुरु ग्रामीण, कर्नाटक), मोहोल (सोलापुर, महाराष्ट्र), नौहट्टा और डाउन टाउन श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर), पालनाडु (आंध्र प्रदेश), बेंगलुरु शहरी और हावेरी (कर्नाटक) सहित कई अन्य स्थान शामिल हैं।

इन शिविरों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के करीब लाना और ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना है।

जनऔषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाएं
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) के तहत देशभर में 18,000 से अधिक प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (PMBJK) संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से आम जनता को उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं बहुत ही किफायती दामों पर उपलब्ध कराई जाती हैं।

इस परियोजना को औषधि विभाग के अंतर्गत आने वाला फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (PMBI) लागू कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नागरिक को आवश्यक दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में काफी कम कीमत पर मिल सकें, बिना गुणवत्ता से समझौता किए।

यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो रही है, जिन्हें महंगी दवाओं के कारण इलाज में कठिनाई का सामना करना पड़ता था।

2027 तक 25,000 केंद्र खोलने का लक्ष्य
सरकार ने प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के विस्तार के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। मार्च 2027 तक देशभर में 25,000 जनऔषधि केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई है।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी नागरिक आवश्यक दवाओं से वंचित न रह जाए। सरकार का मानना है कि इस योजना से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ और किफायती बनेंगी।

उद्यमियों के लिए भी अवसर
सरकार ने इस योजना के तहत उद्यमियों, फार्मासिस्टों और डॉक्टरों को भी जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए प्रोत्साहित किया है। इच्छुक व्यक्ति www.janaushadhi.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इस योजना के अंतर्गत पात्र आवेदकों को वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन भी दिया जाता है। इससे न केवल देश में सस्ती दवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि लोगों को रोजगार और स्थायी आजीविका के अवसर भी मिलेंगे।

इस तरह जनऔषधि सप्ताह के दौरान आयोजित स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम देश के स्वास्थ्य सेवा मिशन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।